India’s policy on Taiwan केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि ताइवान को लेकर भारत सरकार की नीति स्पष्ट और सुसंगत है तथा वह व्यापार, निवेश सहित लोगों के बीच आदान-प्रदान के क्षेत्रों में बातचीत को सुविधाजनक बनाती है और इसे प्रोत्साहित करती है. राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने यह बात कही.Also Read - IND vs WI: सीमित ओवरों की सीरीज से पहले Rohit Sharma फिट, Jasprit Bumrah को आराम

उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार ताइवान के साथ अपने राजनयिक, आर्थिक, व्यापारिक और द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक स्तर तक बढ़ाने की आशा कर रही है? इसके जवाब में मुरलीधरन ने कहा, ‘‘ताइवान पर भारत सरकार की नीति सपष्ट और सुसंगत है. सरकार व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा तथा लोगों के बीच ऐसे अन्य आदान-प्रदान के क्षेत्रों में बातचीत को सुविधाजनक बनाती है और इसे प्रोत्साहित करती है.’’ Also Read - IMF ने 2022 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत किया, चीन 4.8%, यूएस 4% फीसदी पर रहेंगे

ज्ञात हो कि पिछले कुछ समय से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद बना हुआ है जबकि ताइवान के साथ भी चीन के रिश्ते तनावपूर्ण दौर में हैं. ताइवान को चीन एक अलग देश के तौर पर नहीं देखता है जबकि ताइवान स्वयं को एक अलग सार्वभौम देश मानता है. Also Read - आजादी के 75 साल में पहली बार पाकिस्‍तान से तीर्थयात्र‍ी PIA की स्‍पेशल फ्लाइट से पहुंचेंगे भारत

(इनपुट भाषा)