
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
पिछले कुछ दिनों से दुनिया के कई देशों समेत भारत की एयरलाइंस कंपनियों को भी फ्लाइट ऑपरेशन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो की पिछले 4 दिनों में 1200 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ीं. इंडिगो ने फ्लाइट कैंसिल होने की वजह सिस्टम में दिक्कत और क्रू मेंबर की कमी को बताया है. एयरलाइन का कहना है कि क्रू मेंबर्स की कमी एविएशन रेगुलेटर DGCA के हाल में पास किए गए 6 नियमों की वजह से हो रही है. ऐसे में आखिरकार DGCA इंडिगो को 10 फरवरी 2026 तक इन नियमों से अस्थायी तौर पर राहत दे दी है. DGCA ने एयलाइंस, खासकर वीकली रेस्ट के बदले कोई भी छुट्टी नहीं देने के फैसले को वापस ले लिया है.
ऐसे में माना जा रहा है कि अब इंडिगो का संकट खत्म हो सकता है. हालांकि, इंडिगो का दावा है कि इस नियम की वजह से पायलटों और अन्य स्टाफ की कमी हुई थी.पूरा ऑपरेशन प्रभावित हुआ. इसे दुरुस्त करने समय लगेगा.
आइए समझते हैं आखिर एविएशन रेगुलेटर ने ऐसे कौन से नियम बना दिए थे, जिनकी वजह से इंडिगो को ऐसी क्राइसिस देखनी पड़ी. एयरलाइन ने समस्या से निपटने के लिए क्या-क्या तैयारियां की हैं:-
क्या थे DGCA के नियम?
दरअसल, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी DGCA लगातार उड़ान भरने वाले पायलटों और क्रू- मेंबर्स को राहत देने के इरादे से नए नियम लेकर आई थी. 1 नवंबर से पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियम (रोस्टर), फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) का दूसरा फेज लागू किया गया था. इसका पहला फेज 1 जुलाई को लागू हुआ था. इसके तहत ये नियम लागू हुए थे:-
इन नियमों का क्या हुआ असर?
DGCA की इन नियमों की वजह से मैनपावर कम होने लगा. पायलटों और क्रू- मेंबर्स की संख्या अचानक कम हो गई. इससे सभी एयरपोर्ट पर फ्लाइट शेड्यूल बिगड़ गया. कई फ्लाइट्स देरी से चलीं या कैंसिल करनी पड़ीं.ऐसे में एयरलाइन को एडिशिनल स्टाफ को भर्ती करना पड़ा. उन्हें ट्रेनिंग देने में वक्त लगा.
अब सरकार से मिली कौन-कौन सी राहत?
इंडिगो में क्राइसिस को कम करने के लिए DGCA ने एयलाइंस, खासकर इंडिगो को 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी राहत दी है. इसके तहत अब क्रू को पहले की तरह हर हफ्ते में लगातार 36 घंटे का आराम मिलेगा. पहले की तरह रात में 6 उड़ानें भर सकेंगे.वीकली रेस्ट और लीव को जोड़ा जा सकता है.अब नाइट ड्यूटी रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक होगी. अब पायलटों को 2 नाइट लैंडिंग की इजाजत दी गई है.
इससे क्या फायदा?
इससे पायलट ज्यादा उपलब्ध होंगे.उड़ानों में देरी होने की गुंजाइश कम रहेगी. फ्लाइटस ऑपरेशन सामान्य हो जाएगा. हालांकि, एक चिंता भी है कि अब फिर से पायलट्स और क्रू मेंबर को ज्यादा आराम नहीं मिलेगा.
इंडिगो को ही इतनी दिक्कत क्यों हो रही थी?
इंडिगो एयरलाइन अभी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है. इसके पास 434 प्लेन हैं. ये दिनभर में करीब 2300 डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेट करती है.एअर इंडिया के एक दिन में इसका आधा ही ऑपरेट करता है. इतने बड़े पैमाने पर अगर 10–20% उड़ानें भी देर से चलें या रद्द हों, तो इसका सीधा मतलब होता है 200–400 उड़ानें प्रभावित होना. इसलिए इंडिगो को इतनी परेशानी हो रही थी.
इंडिगो की फ्लाइट सर्विस पर असर पड़ने की वजह से DGCA ने एक 24×7 कंट्रोल रूम(011-24610843, 011-24693963, 096503-91859) सेट किया है. ये रियल टाइम बेसिस पर स्थिति की मॉनिटरिंग करेगा.
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