तो इस वजह से IndiGo में आया था भूचाल, डेढ़ महीने बाद आई DGCA की रिपोर्ट, CEO पर कसा शिकंजा

IndiGo Crisis: दिसंबर 2025 में फ्लाइट संकट के बाद, DGCA की जांच रिपोर्ट में इंडिगो की बड़ी चूक सामने आई है. कंपनी पर 22.2 करोड़ का जुर्माना लगा है, साथ ही CEO पर सख्त कार्रवाई की गई है.

Published date india.com Published: January 17, 2026 10:23 PM IST
तो इस वजह से IndiGo में आया था भूचाल, डेढ़ महीने बाद आई DGCA की रिपोर्ट, CEO पर कसा शिकंजा

बीते साल 2025 के आखिरी महीने यानी दिसंबर में भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में भूचाल आ गया था. विमानन कंपनी को जिस कारण भारी नुकसान हुआ था, अब उसकी तस्वीर साफ हो गई है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की रिपोर्ट आई है, जिसमें इंडिगो की उड़ाने देरी से चलने या रद्द होने का कारण बताया गया. जांच रिपोर्ट में इंडिगो के ऑपरेशन, मैनेजमेंट और क्रू प्लानिंग में गंभीर खामियां पाई गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन ने ऑपरेशन को जरूरत से ज्यादा ‘ऑप्टिमाइज’ करने की कोशिश की. लेकिन इसके बदले न तो पर्याप्त बैकअप रखा गया और न ही जोखिमों का सही आकलन किया गया. इसका सीधा असर यात्रियों और फ्लाइट शेड्यूल पर पड़ा.

क्रू पर दबाव बढ़ा, नियमों का पालन नहीं किया

DGCA की रिपोर्ट में बताया गया है कि इंडिगो ने क्रू और विमानों के अधिकतम इस्तेमाल पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया. ड्यूटी घंटों को सीमा तक खींचा गया, डेड-हेडिंग, टेल स्वैप और लंबी ड्यूटी को आम बना दिया गया. क्रू को पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय नहीं मिला. नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमावली को भी सही तरीके से लागू नहीं किया गया. जांच में यह भी सामने आया कि सॉफ्टवेयर सपोर्ट और ऑपरेशनल सिस्टम इतने मजबूत नहीं थे कि अचानक बढ़े दबाव को संभाल सकें.

मैनेजमेंट पर DGCA की सख्त कार्रवाई

इस मामले में DGCA ने इंडिगो के शीर्ष प्रबंधन पर सीधी कार्रवाई की है. CEO को औपचारिक चेतावनी दी गई है, जबकि COO यानी अकाउंटेबल मैनेजर को वार्निंग जारी की गई. इसके अलावा, SVP (OCC) को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं. फ्लाइट ऑपरेशन और क्रू प्लानिंग से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है. DGCA का साफ कहना है कि इतनी बड़ी एयरलाइन से बेहतर योजना और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है.

IndiGo में क्यों आया था भूचाल?

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 में इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं और 1,852 उड़ानों में भारी देरी हुई थी. अलग-अलग एयरपोर्ट पर तीन लाख से ज्यादा यात्री फंसे रहे. किसी की कनेक्टिंग फ्लाइट छूटी, तो किसी को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा. इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के निर्देश पर DGCA ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी.

अब आगे क्या रास्ता है?

कमेटी ने साफ कहा कि इंडिगो का ऑपरेशन अत्यधिक अनुकूलन पर टिका था, लेकिन जरूरी बफर और बैकअप की भारी कमी थी. मैनेजमेंट स्ट्रक्चर, ऑपरेशनल कंट्रोल और सॉफ्टवेयर सपोर्ट में कमजोरियां सामने आईं. क्रू, विमान और नेटवर्क संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल ने रोस्टर को बेहद नाजुक बना दिया. DGCA ने इंडिगो पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है और उम्मीद जताई है कि एयरलाइन भविष्य में बेहतर योजना, मजबूत सिस्टम और यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देगी.

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