नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो ने 13 विमानों को हटा दिया है जबकि 84 फ्लाइट्स कैंसल कर दी हैं. इसके पीछे जो वजह बताई गई है वो एयरबस नियो एयरक्राफ्ट के इंजन में खामी होना है. समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने यह जानकारी दी है. Also Read - Viral: इंडिगो की फ्लाइट में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, खुशी से झूम उठा केबिन क्रू, देखें Photos, Videos

इंडियो और प्रतिद्वंदी गोएयर को इसी समस्या की वजह से एयरबस से प्लेन मिलने में देरी हो रही थी. युनाइटेड टेक्नॉलजी के मालिकाना हक वाली प्रैट और विट्ने में प्लेन के इंजन को डेवलप किया है. हर 10 में से हर 4 भारतीय इंडिगो में सफर करता है. Also Read - कंगना की विमान यात्रा के दौरान ‘सुरक्षा का उल्लंघन’, डीजीसीए ने इंडिगो से मांगी रिपोर्ट

हालांकि इंडिगो ने ऐसी किसी भी खबर से इनकार किया है. इंडिगो ने बयान जारी कर इस खबर को भ्रमित करने वाला बताया है. इंडिगो ने कहा है कि 8 नियो प्लेन को हटाया गया है. इसका शेड्यूल जून में ही तैयार कर लिया गया था. जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने के लिए ये प्लेन उपलब्ध नहीं होंगे. एयरलाइन ने कहा है कि कोई भी नई कैंसिलेशन नहीं हुई है. प्रभावित पैंसेजर्स को उपयुक्त विकल्प दिए जाएंगे. Also Read - वंदे भारत मिशन का चौथा चरण: 3 से 15 जुलाई तक विमानों का परिचालन करेंगी इंडिगो, एअर इंडिया और गोएयर

ऐसी रिपोर्ट्स आई कि इस महीने की शुरुआत में, इंडिगो को प्रैट और विट्ने से हर्जाना मिला था. ये दोनों कंपनिया इंजन में खराबी को दूर नहीं कर पा रही थी. एयरलाइन के अधिकारियों ने बताया कि हर्जाने पर वो टिप्पणी नहीं कर सकते हैं. अधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि इंजन की खराबी को दूर करने में एक साल का वक्त लग सकता है.

इंडिगो के प्रेसिडेंट आदित्य घोष ने एक वक्त में कहा था कि हम इंजन को हटा रहे हैं लेकिन पर्याप्त मात्रा में स्पेयर इंजन उपलब्ध नहीं है. ऑपरेशन में रुकावट चुनौतीपूर्ण है और हम इस स्थिति से खुश नहीं हैं. बता दें कि भारत के पास ओ 320 नियो की सबसे बड़ी फ्लीट है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग के मुताबिक राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल की इंडिगो ने ए 320 के 430 ऑर्डर दिए थे जिसमें से 22 डिलिवर किए जा चुके हैं.