भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण चीन सागर को लेकर की चर्चा, बीजिंग हो सकता है परेशान

भारत और ‘क्वाड’ के तीन अन्य सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लक्ष्य को हासिल करने के साथ बुनियादी ढांचे, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद रोधी उपाय और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की.

Published date india.com Published: August 13, 2021 8:15 AM IST
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण चीन सागर को लेकर की चर्चा, बीजिंग हो सकता है परेशान

भारत और ‘क्वाड’ के तीन अन्य सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लक्ष्य को हासिल करने के साथ बुनियादी ढांचे, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद रोधी उपाय और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की.

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अधिकारियों ने आपसी हित के कई विषयों पर चल रहे सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया. इनमें क्षेत्र में रणनीतिक चुनौतियां, लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को मजबूत करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के कमजोर देशों का समर्थन करना शामिल है.

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि 12 मार्च को डिजिटल तरीके से आयोजित शिखर सम्मेलन में मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा को आगे बढ़ाने की दिशा में बैठक आयोजित की गयी.

एक अलग बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि चर्चा ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में कोविड-19 के व्यापक प्रभाव और महामारी को रोकने तथा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया.

जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक में पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर विचार-विमर्श के अलावा टीकों, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग के लिए प्रगति की भी समीक्षा की गई. ‘क्वाड’ समूह में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.