केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि सरकारी निधि को जमा करके रखने से विकास बाधित होता है और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) में उन्नति से इसे ज्यादा पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। जेटली ने महालेखा नियंत्रक के नए कार्यालय परिसर, महालेखा नियंत्रक भवन के उद्धाटन के मौके पर कहा, “सरकारी निधि को जमा रखने से विकास बाधित होता है। प्रौद्योगिकी में हर उन्नति के साथ पीएफएमएस नजर रखने में सक्षम हो जाएगा कि परियोजना के लिए दिए पैसे को इस पर खर्च किया जा रहा है या नहंीं।”

जेटली ने कहा, “विकास में वृद्धि हुई है, यह खर्च में कई गुना वृद्धि के बदले आई है। आने वाले वर्ष में खर्च में बहुत ज्यादा वृद्धि होगी। यह तीव्र विकास के लिए जरूरी है।”उन्होंने कहा, “लेखा प्रक्रिया भी ज्यादा तेज हो गई है। यह भी पढ़ें : जेटली ने इंडिया 2016 ईयरबुक जारी की

सीजीए की नई इमारत केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाई गई है। यह ऊर्जा संरक्षण और हरित भवन के मानकों को पूरा करती है। इसके साथ सौर ऊर्जा के लिए एक ग्रिड एकीकृत सौर पैनल प्रणाली लगाने की भी योजना है।
इस मौके पर सीजीए और आंतरिक लेखा परीक्षकों के संस्थान (आईआईए) के बीच कई मंत्रालयों और सरकारी विभागों के आंतरिक लेखा कार्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक ज्ञापन समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया।