नई दिल्ली: फोर्टिस हेल्थकेयर ने बताया कि उसकी अनुषंगी कंपनी एस्कार्ट हर्ट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (ईएचआईआरसीएल) को अवांछित लाभ कमाने के मामले में एक महीने के भीतर स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) के पास 503.36 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश मिला है.

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फोर्टिस ने कहा कि ईएचआईआरसीएल को आबंटन पत्र: पट्टा विलेख की शर्तों का अनुपालन नहीं करने को लेकर नौ जून 2106 को डीजीएचएस से 503.36 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश मिला था. ईएचआईआरसीएल ने उसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. अदालत ने 503.36 करोड़ रुपये की मांग के नोटिस को खारिज कर दिया था और मामले को सुनवाई के लिये एक विशेष समिति के सुपुर्द कर दिया था.

28 मई को मिला नोटिस
फोर्टिस ने कहा कि ईएचआईआरसीएल ने अब सूचित किया है कि मामले की सुनवाई करने वाली विशेष समिति के कार्यालय से उसे 28 मई 2018 को एक पत्र मिला है जिसमें उसे आदेश दिया गया है कि वह 503.36 करोड़ रुपये जमा कराए. कंपनी इस आदेश के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर गौर कर रही है. कंपनी फिलहाल नये निवेशकों को शामिल करने की प्रक्रिया में है. फोर्टिस हेल्थकेयर के लिये पांच इकाइयां दौड़ में थी. इसमें से चार बाध्यकारी बोली लगायी. (इनपुट एजेंसी)