Budget Highlights 2026: बजट में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान, सड़क दुर्घटना में मिलने वाले इंश्योरेंस क्लेम इंटरेस्ट पर अब नहीं कटेगा TDS

Insurence Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने TDS करों में भारी छूट दी है. बजट के दौरान संसद को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना के मामले में पीड़ित व्यक्ति को इंश्योरेंस क्लेम की राशि पर मिलने इंटरेस्ट पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

Published date india.com Updated: February 1, 2026 3:02 PM IST
MACT Insurance claim interest rate
सड़क दुर्घटना के मामले में पीड़ित व्यक्ति को इंश्योरेंस क्लेम की राशि पर मिलने इंटरेस्ट पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

MACT Interest rate TDS deduction: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया. इस बजट में वित्त मंत्री ने डायरेक्ट टैक्स में बड़ी घोषणा की है. वित्त मंत्री ने मोटर वाहन एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (Motor Accident claims tribunal, MACT) में कंपनसेशन पर मिलने वाले इंटरेस्ट को करमुक्त करने की घोषणा की. वित्त मंत्री ने कहा कि मोटर दुर्घटना के मामलों में किसी व्यक्ति को मिलने वाले ब्याज की राशि को आयकर से पूरी तरह मुक्त (Exempt) कर दिया गया है.

कैसे और क्यों मिलता है क्लेम पर इंटरेस्ट?

सड़क दुर्घटना के मामलों में कोर्ट की कार्यवाही अक्सर लंबी चलती है. इस प्रक्रिया में दुर्घटना की तारीख और अंतिम फैसले की तारीख के बीच कई सालों का अंतर हो जाता है. ऐसी स्थिति में असल परिस्थिति पर गौर करते हुए अदालत मानती है कि यदि पीड़ित को क्लेम की राशि समय पर मिल जाती, तो वह उसे कहीं निवेश कर सकता था. वहीं, पीड़ित के हक में फैसला सुनाते हुए ट्रिब्यूनल आमतौर पर क्लेम दाखिल करने की तारीख से लेकर भुगतान की तारीख तक 6% से 9% तक का साधारण ब्याज (Simple Interest) देने का आदेश देती है. पहले 50,000 रुपये से अधिक के ब्याज पर TDS कटता था और उसे Income from Other Sources मानकर टैक्स देना पड़ता था. अब यह मुआवजे पर मिलने वाली पूरी इंटरेस्ट की राशि Tax-Free होगी.

प्रत्यक्ष करों में बड़ी राहत

बजट 2026 में सरकार ने प्रत्यक्ष करों यानि डायरेक्ट टैक्स में कई ऐसे बदलाव किए हैं, जो सीधे तौर पर आम नागरिक की जेब पर असर डालेंगे.

  • मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT): अब मोटर दुर्घटना के मामलों में किसी व्यक्ति को मिलने वाले ब्याज की राशि को आयकर से पूरी तरह मुक्त (Exempt) कर दिया गया है.
  • विदेश यात्रा हुई सस्ती: विदेशी टूर प्रोग्राम पैकेज की बिक्री पर लगने वाले TCS (Tax Collection at Source) की दर को वर्तमान 5% और 20% से घटाकर अब सीधा 2% कर दिया गया है. इसमें सबसे राहत की बात यह है कि इसमें राशि की कोई सीमा (stipulation of amount) नहीं रखी गई है.
  • शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए प्रेषण (LRS): लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए विदेश पैसे भेजने पर लगने वाले TCS को भी 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है.
  • सिंपलीफाइड फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, आम आदमी भर सके.
  • एम्पलाईज हायरिंग सर्विस पर 1 से 2 परसेंट टैक्स होगा.

इस बार बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहीं,

जाते-जाते बता दें कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. बता दें कि इस बजट में वित्त मंत्री ने टैक्स फाइल करने के प्रोसेस को आसान बनाया है.

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