नई दिल्ली: जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन के प्रमुख मसूद अजहर की पाकिस्तान में मौत के बारे में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बारे में खुफिया एजेंसियां पता लगाने की कोशिश कर रही हैं. अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है कि अजहर का सेना के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. उसके गुर्दे खराब हो चुके हैं. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर के रहने वाले अजहर ने 2000 में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन बनाया था. उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सीएनएन को दिये इंटरव्यू में कहा था कि जैश प्रमुख अजहर पाकिस्तान में है और उसकी सेहत बहुत खराब है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत ठोस सबूत पेश करे तो पाक सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. कुरैशी ने कहा था, वह मेरी जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में है. वह इतना बीमार है कि अपने घर से नहीं निकल सकता.Also Read - रिपोर्ट में खुलासा, नई जगह पुरानी गाड़ियां खरीद रहे हैं भारतीय युवा

रविवार को अटकलें तब और तेज हो गईं, जब एक वायरल रिपोर्ट में कहा गया कि मसूद भारतीय वायुसेना द्वारा बालाकोट में आतंकी शिविर पर हमले में मारा गया है. हालांकि, किसी आधिकारिक सूत्र ने इसकी पुष्टि नहीं की. भारतीय वायुसेना द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हमले में उसे हुए नुकसान के सबूत दिखाने के बढ़ते दवाब के बीच भारत संदेह करने वालों को चुप कराने के लिए कुछ दिनों में सबूत पेश करने पर विचार कर रहा है. Also Read - ईशनिंदा के नाम पर पाकिस्तान में भीड़ ने श्रीलंकाई नागरिक को पीट-पीट मारा और फिर सरेआम जिंदा जलाया

वायुसेना ने घोषित किया है कि हवाई हमले से हुए नुकसानों का खुलासा करने का फैसला सरकार को लेना है, हालांकि, रडार तस्वीरों में प्राप्त तस्वीरें वहां मौजूद इमारतों का नुकसान दिखाने के लिए पर्याप्त हैं. हालांकि, मृतकों की संख्या के बारे में पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तानी प्रशासन अभी भी मना कर रहा है, लेकिन शनिवार को मसूद अजहर के भाई मौलाना अम्मार का एक वीडियो आया है, जिसमें उसे यह स्वीकार करते हुए सुना जा सकता है कि बालाकोट शिविर पर हमला हुआ है. यह वीडियो हवाई हमले के बाद पेशावर में हुई एक जनसभा का बताया जा रहा है. Also Read - China के साथ सीमा संघर्ष के दौरान अग्र‍िम मोर्चों पर तैनात किए गए थे भारतीय युद्धपोत: नेवी चीफ

साल 1999 में तत्कालीन एनडीए सरकार ने इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान आईसी-814 को छुड़ाने के बदलने अजहर को छोड़ दिया था. 50 साल के अजहर पर 2001 के संसद हमले की साजिश रचने का, जम्मू कश्मीर विधानसभा पर आत्मघाती हमले और पठानकोट वायु सेना केंद्र तथा पुलवामा आतंकी हमले की साजिश रचने के भी आरोप हैं.

अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर आज व्यापक रूप से इस तरह की खबरें चल रही हैं कि अजहर की मौत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है.

पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के आतंकी शिविरों को निशाना बनाया था. सरकार ने आतंकी शिविरों को तबाह करने का दावा करते हुए बड़ी सफलता मिलने की बात कही थी.