नई दिल्ली: पाकिस्‍तान में स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने आतंकवादियों को ट्रेनिंग देकर जम्‍मू-कश्‍मीर में आर्मी की पोस्‍ट और सुरक्षाबलों के ठिकानों पर बड़े हमले का प्‍लान तैयार किया है. इन आतंकियों को एलओसी पार करवाने की कोशिश की जा रही है. लश्‍कर ने आतंकियों को अलग-अलग समूहों में एलओसी पार करने के लिए भेजा है. Also Read - जम्मू-कश्मीर: एडवोकेट बाबर कादरी की हत्या, आतंकियों ने मारी गोली

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने 12 जिहादियों को ट्रेनिंग दे कर भारत में घुसपैठ करने के लिए तैयार किया है. इन जिहादियों को लाइन ऑफ कंट्रोल से भारत में घुसपैठ करा कर पाकिस्तान एक्शन बोर्डर टीम ने भारतीय आर्मी पोस्ट पर बड़े हमले की योजना बनाई है. Also Read - Jammu & Kashmir: आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के बडगाम में बीडीसी सदस्य की गोली मारकर की हत्या

जम्मू कश्मीर में ठंड का मौसम शुरू होने से पहले पाकिस्तान में बैठे आतंकी भारत में घुसपैठ करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. इसको लेकर खुफिया विभाग ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को आगाह किया है. Also Read - लद्दाख में भारतीय सेना का कारनामा, 6 नई चोटियों पर किया कब्जा, चीन की हालत पस्त

खुफिया एजेंसी ने चेताया है कि रजौरी जिले के भिंभर गली (बीजी) सेक्टर में लश्कर-ए-तैयबा 6 जिहादियों को एक गाइड की मदद से भारत में प्रवेश कराने की कोशिश कर रहा है.खुफिया एजेंसी ने पुंछ सेक्टर में भी सुरक्षा बलों को अलर्ट किया है कि 6 जिहादी कमांडर अब्दुल फजल की मदद से एलओसी पार करने की कोशिश कर रहे हैं.

सुरक्षा बलों का कहना है कि कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान हर संभव कोशिश कर रहा है कि जम्मू कश्मीर के लोगों को भड़काया जाय. गर्मी का मौसम खत्म हो रहा है, ऐसे में पाकिस्तान हर संभव आतंकियों को घाटी में घुसाने की कोशिश में लगा हुआ है ताकि आतंकवादी गतिविधियां चलती रहे, एक सीनियर आईपीएस ऑफिसर ने कहा. साथ ही ये भी कहा कि सुरक्षा बलों की आतंकी निरोधी ग्रिड इतना मजबूत है कि किसी भी तरह की घुसपैठ को रोका जा सकता है.

सुरक्षा बलों ने कहा कि आतंकी गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी काफी हद तक कम हुई है और सुरक्षा बलों ने हिंसात्मक घटनाओं की संख्या को कम करने में भी काबू पाया है. इसके अलावा सुरक्षा बल सीमा रेखा के उस पार पाक अधिकृत कश्मीर में टेरर लांच पैड पर भी नजर बनाए हुए है.

बता दें कि कश्मीर में हाल ही में सुरक्षाबलों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ों में लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष कमांडर समेत तीन आतंकवादी मारे गए हैं. एक आतंकवादी शोपियां में मारा गया. वहीं, लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर नसीरुद्दीन लोन समेत दो आतंकवादी कुपवाड़ा में मुठभेड़ में मार गिरा जा चुके हैं. लोन इस साल की शुरुआत में सीआरपीएफ के छह जवानों की हत्या में शामिल था.

पाकिस्तान ने इस साल जुलाई महीने के अंत तक 2,662 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है. पिछले साल कुल 3,168 बार पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था.