नई दिल्ली. पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में विधानसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग में कई रिकार्ड बने थे. वाम दलों का गढ़ रहे त्रिपुरा में 18 फरवरी को वोट डाले गए थे. त्रिपुरा में 25 सालों से वाल दल सत्ता में हैं. शनिवार को तीनों राज्यों में मतगणना हो रही है. यहां पर पहली बार भाजपा एक मजबूत पार्टी के रूप में उभरी है. तीनों राज्यों में पार्टी या उसके सहयोगी दल सत्ता के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. इन तीनों राज्यों में चुनाव से जुड़े 10 रोचक तथ्यों पर नजर डालते हैं….
1. त्रिपुरा में कुल 25 लाख 36 हजार मतदाता हैं. इनमें से 92 फीसदी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो देश के चुनावी इतिहास में अपने आप में एक रिकार्ड है. Also Read - यूपी के मंत्री ने कहा- कांग्रेस ने भ्रम फैलाकर पाया वोट, पछता रहे हैं मध्यप्रदेश के लोग

2. इन तीनों राज्यों में विधानसभा की कुल 60-60 सीटें हैं लेकिन तीनों राज्यों में विभिन्न कारणों से 59-59 सीटों पर ही मतदान हुआ. Also Read - एमएनएफ के प्रमुख जोरमथंगा ने ली मिजोरम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ

3. त्रिपुरा में चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार की मौत हो गई जबकि मेघालय में एनसीपी के एक उम्मीदवार की हत्या कर दी गई. इस कारणों से इन दोनों राज्यों में एक-एक सीट पर वोटिंग नहीं हुई. Also Read - सवाल- केंद्र की राजनीति में जाने वाले हैं? 15 साल मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह का जवाब- 'यहीं हूं मैं'

4. नगालैंड में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके नेइफिऊ रियो इस बार नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के उम्मीदवार थे. वह इस बार उत्तरी अंगामी-2 सीट से निर्विरोध चुनाव जीत गए.

5. मेघालय में 27 फरवरी को वोट डाले गए. वहां पर इस बार भाजपा सत्ताधारी कांग्रेस को चुनौती दे रही है. पिछले 10 सालों से कांग्रेस राज्य में सत्ता में है.

6. मेघालय में भाजपा 47 जबकि कांग्रेस ने सभी 59 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. राज्य के मुख्यमंत्रई मुकुल संगमा पहली बार दो सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.

7. नगालैंड में भाजपा ने एनडीपीपी के साथ गठबंधन किया है. पूर्व मुख्यमंत्री नेइफिऊ रियो ने इस पार्टी का गठन किया है. एनडीपीपी 40 जबकि भाजपा 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

8. वर्ष 1963 में नगालैंड के गठन के बाद से तीन-तीन मुख्यमंत्री देने वाली कांग्रेस राज्य की 18 सीटों पर ही चुनाव लड़ रही है.

9. नगालैंड के जुनहेबोटो जिले में एक व्यक्ति की मौत के बाद भड़की हिंसा के बावजूद राज्य में 75 फीसदी वोट डाले गए.

10. राज्य के 13 बूथों पर ईवीएम खराब होने या उन्हें छीने जाने के कारण फिर से वोट डाले गए थे.