नई दिल्ली. वित्तमंत्री अरुण जेटली साल 2019-20 के लिए अंतरिम बजट 1 फरवरी 2019 को पेश करेंगे. यह लगातार छठा बजट होगा, जिसे अरुण जेटली पेश करेंगे. बता दें कि संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा. यह निर्णय संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCPA) की बैठक द्वारा लिया गया है Also Read - संसद में तीन श्रम सुधार विधेयक पास, अब बिना सरकारी परमीशन के अपने कर्मियों को हटा सकेंगी कम्पनियां

वित्त मंत्रालय ने इससे पहले अलग-अलग केंद्रीय मंत्रालयों से बजट भाषण को लेकर इनपुट मांगा था. बता दें कि यह नरेंद्र मोदी सरकार के इस कार्यकाल का अंतिम बजट होगा. इसके बाद इस साल लोकसभा के चुनाव होने हैं. बता दें कि मंत्रालय ने अक्टूबर में ही साल 2019-20 के बजट की तैयारी शुरू कर दी थी. Also Read - केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा- 'एक साल के लिए निलंबित हों हंगामा करने वाले सांसद'

आपको बता दें साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए सरकार का यह आखिरी बजट है. साल 2017 से रेल बजट और आम बजट को एक साथ पेश किया जाता है. मोदी सरकार ने रेल बजट और आम बजट को अलग-अलग पेश करने की परंपरा को खत्म कर दिया है. इस बार के अंतरिम बजट में मोदी सरकार मिडिल क्लास को लुभाने के लिए सैलरीड क्लास को इनकम टैक्स लाभ देने की घोषणा कर सकते हैं.