Air India का बड़ा फैसला- दिल्ली एयरपोर्ट से विदेश जाने वालों के लिए अलर्ट! जून-अगस्त तक 7 देशों की इंटरनेशनल फ्लाइट्स सस्पेंड

इंटरनेशनल यात्रियों को बड़ा झटका, दिल्ली से उड़ने वाली कई विदेशी फ्लाइट्स सस्पेंड की गई हैं. एयरलाइन की यह सख्त कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब वह गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है.

Written by: Farha Fatima
Updated: May 13, 2026, 11:53 AM IST

मध्य पूर्व संकट के कारण जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एयर इंडिया ने जून की शुरुआत से तीन महीनों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित करने का फैसला किया है. यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई.

दिल्ली से इन देशों के लिए फ्लाइट्स कम

कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दिल्ली से जिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी की गई है उनमें शिकागो और नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसे प्रमुख गंतव्य शामिल हैं. इसके अलावा, एयर इंडिया ने सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसे गंतव्यों के लिए भी उड़ानें कम कर दी हैं.

प्रतिदिन करीब 100 उड़ान कम

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल मिलाकर एयरलाइन ने प्रतिदिन करीब 100 उड़ानों को कम कर दिया है. एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने पिछले सप्ताह कहा था कि भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कटौती जारी रखेगी.

1000 से अधिक कर्मचारी बर्खास्त

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ते वित्तीय दबाव और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करते हुए, एयर इंडिया ने अपने आंतरिक अनुपालन और लागत नियंत्रण उपायों को और कड़ा कर दिया है. एयरलाइन ने पिछले तीन वर्षों में नैतिक कदाचार और नीतिगत उल्लंघनों के लिए 1,000 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त किया है. यह खुलासा विल्सन ने पिछले सप्ताह कर्मचारियों के साथ एक टाउन हॉल बैठक के दौरान किया.

कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई

विल्सन ने कर्मचारियों को बताया कि एयरलाइन ने कई उल्लंघनों में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें एम्प्लॉई लीजर ट्रैवल (ईएलटी) सिस्टम का दुरुपयोग, विमान से सामान की तस्करी और उचित शुल्क के बिना अतिरिक्त सामान ले जाने की अनुमति देना शामिल है.

22,000 करोड़ रुपए से अधिक का घाटा

एयरलाइन की यह सख्त कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब वह गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है. एयर इंडिया समूह, जिसमें एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं, को मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 22,000 करोड़ रुपए से अधिक का घाटा होने का अनुमान है.

एयरलाइन ने शुरू कर दिए कई लागत-बचत उपाय

टाटा समूह के तहत व्यापक पुनर्गठन और सुधार प्रयासों के तहत, एयरलाइन ने पहले ही कई लागत-बचत उपाय शुरू कर दिए हैं. इनमें कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकना, विवेकाधीन खर्चों में कटौती करना और सभी विभागों में गैर-जरूरी खर्चों को कम करना शामिल है. (इनपुट एजेंसी से)

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