International Flights Latest Update: कोरोना के नए ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानों (International Flights) के परिचालन को 31 जनवरी 2022 तक रोक लगाने का फैसला किया गया है. डायरेक्‍टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी (DGCA) की तरफ से यह जानकारी दी गई है. मालूम हो कि केंद्र सरकार ने 15 दिसंबर से अंतराष्‍ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू करने का ऐलान किया था. हालांकि कोरोना के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) के सामने आने के बाद इस फैसले को टाल दिया गया था. बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से सभी शेड्यूल अंतरराष्ट्रीय उड़ान 23 मार्च से देश में शेड्यूल इंटरनेशनल फ्लाइट निलंबित हैं. हालां‍कि कई देशों के साथ एयर बबल सिस्‍टम के तहत विशेष फ्लाइट का संचालन किया जा रहा है.Also Read - उपराष्ट्रपति M Venkaiah Naidu कोरोना वायरस से संक्रमित, खुद को किया क्वारंटीन

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उधर, कोरोना के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट की भारत में दस्तक होने के बाद केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने को कहा है. केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि कोविड-19 के क्लीनिकल उपचार में उपयोग होने वाली आठ महत्वपूर्ण दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करें. साथ ही उन्हें यह सलाह दी कि मामलों में बढ़ोतरी की आशंका के मद्देनजर अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा करें. ओमिक्रॉन वेरिएंट के लिए जन स्वास्थ्य तैयारियों और टीकाकरण की प्रगति की वीडियो कांफ्रेंस से समीक्षा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और एनएचएम के एमडी से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी अस्पतालों में वेंटिलेटर, पीएसए संयंत्र और ऑक्सीजन सांद्रक सुचारू रूप से काम कर रहे हों. Also Read - Omicron Health Tips: ओमिक्रोन के लक्षण दिखते ही करें ये काम, जल्‍द मिलेगा आराम

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, ‘राज्यों को सूचित किया गया कि केंद्र द्वारा दिए गए कई वेंटिलेटरों की अभी तक पैकिंग नहीं खोली गई है और उनका इस्तेमाल नहीं किया गया है.’ स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘इसकी तुरंत समीक्षा करने की जरूरत है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र, ऑक्सीजन सांद्रक और वेंटिलेटर लगाए जाएं और वे काम करें.’

कोविड-19 और इसके स्वरूपों पर समय पर नियंत्रण करने के लिए पांच स्तरीय रणनीति बनाई गई है, जिसमें जांच करना, पता लगाना, उपचार करना, टीकाकरण करना और कोविड उपयुक्त व्यवहार करना शामिल है. बयान में कहा गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि जांच बढ़ाएं और निगरानी पर ध्यान दें ताकि संदिग्धों की जल्द पहचान हो सके और उन्हें अलग-थलग किया जा सके. उन्हें सलाह दी गई कि सभी जिलों में आरटी-पीसीआर जांच की उपलब्धता सुनिश्चित करें.

(इनपुट: ANI, भाषा)