नई दिल्ली: आज इंटरनेशनल सेक्स वर्कर्स डे (International Sex Workers Day) है. इस दिन दुनिया भर की सेक्स वर्कर्स (Sex Workers) के अधिकारों की बात होती है, ताकि वह सम्मान से जिंदगी जी सकें. कोरोना वायरस के चलते सेक्स वर्कर्स भी बुरे हाल में हैं. ग्राहक उनसे दूर हो गए हैं और सेक्स वर्कर्स का रोजगार छिन गया. ऐसे में कई सेक्स वर्कर्स बेरोजगार हैं तो कई ने छोटी-मोटी की दुकानें कर ली हैं. कोई अंडे बेच रही हैं तो कोई ब्रेड बेच कर कुछ पैसे कमाने की कोशिश कर रही हैं. हालाँकि लाखों सेक्स वर्कर्स में से कुछ ही ऐसा कर रही हैं. ऐसे में हज़ारों सेक्स वर्कर्स हैं, जिनके सामने अजीविका की समस्या है.Also Read - Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना-कम पैसे में ज्यादा मुनाफा, खाता खोलने से पहले जान लें ये नियम

भुखमरी की कगार पर हैं सेक्स वर्कर्स
दिल्ली की कई सेक्स वर्कर्स (Sex Workers) कोरोना वायरस (Corona Virus) के कारण आजीविका के साधन खत्म होने के कारण भुखमरी की कगार पर आ गईं. सेक्स वर्कर्स के लिए काम करने वाली एक संस्था के अनुसार, कई सेक्स वर्कर्स छोटे मोटे काम कर पेट भरने की कोशिश कर रही हैं. अब लॉकडाउन में कुछ छूट मिली है इसलिए सेक्स वर्कर्स के लिए आसानी हो सकती है. हालाँकि ग्राहक अब भी उनसे दूर ही रहेंगे, लेकिन वह कुछ और काम भी आसानी से कर सकती हैं. कई तो कर भी रही हैं. Also Read - Punjab: बीएसएफ ने फिरोजपुर में दो पाकिस्‍तानी घुसपैठियों को मार गिराया

60 फ़ीसदी सेक्स वर्कर्स लौटीं घर
देशभर की सेक्स वर्कर्स के लिए कानूनी अधिकार, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर काम करने वाले समूह ऑल इंडिया नेटवर्क ऑफ सेक्स वर्कर्स (एआईएनएसब्लयू) के अनुसार दिल्ली की 60 फीसदी यौनकर्मी अपने गृह राज्यों के लिए निकल चुकी हैं. उन्होंने कहा कि भोजन और दवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई हफ्तों के संघर्ष के बाद उन्हें शहर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. एक सेक्स वर्कर ने बताया कि आठ साल दिल्ली में रहने के बाद आखिरकार उसे उत्तर प्रदेश में अपने गांव को लौट पड़ा. Also Read - Tiger Bathing Viral Video: दिल तो बच्चा है जी... जब एकसाथ पानी में मस्ती करते नजर आए बाघ, दिल छू लेगा वीडियो

26 वर्षीय युवती ने कहा, ‘‘मैं उप्र के अपने घर से 18 साल की उम्र में भाग गई थी. मैं अभिनेत्री बनना चाहती थी, लेकिन आजीविका के लिए इस धंधे में आ गई. जब से लॉकडाउन लगा है, कोई ग्राहक नहीं है और सारी जमापूंजी खत्म होती जा रही है.’’ एक अन्य ने बताया कि उसने और उसके चार वर्षीय बेटे ने दो महीने से ठीक से खाना नहीं खाया. कमजोरी के कारण जब बेटा बेहोश हो गया तो उसने घर लौटने का फैसला किया. अन्य कई यौनकर्मी भी ऐसी ही बेबसी की शिकार हैं. ये सभी सेक्स वर्कर्स जीबी रोड पर रहती हैं जहां करीब 100 वेश्यालय हैं, इनमें करीब 1500 यौनकर्मी रहती हैं.