नई दिल्लीः अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कांग्रेस ने बीजेपी पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी जानबूझकर महिला आरक्षण विधेयक नहीं ला रही है. संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण के प्रावधान वाले विधेयक के अभी तक पारित नहीं होने को लेकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि वह आम सहमति नहीं होने का बहाना बना इसे जानबूझ कर लोकसभा में नहीं ला रही है. सुष्मिता देव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि क्या नोटबंदी और तीन तलाक विधेयक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उन्होंने आम सहमति बनाई थी? Also Read - धरना दे रहे BJP नेता हिरासत में, दिल्ली सरकार से मांग रहे थे विज्ञापनों का हिसाब

Also Read - केजरीवाल सरकार के खिलाफ BJP का धरना, दिल्ली सरकार से मांगा विज्ञापनों पर खर्च का हिसाब

बीजेपी को चुनावी घोषणापत्र की दिलाई याद Also Read - क्या 2024 में BJP जीत की हैट्रिक लगाएगी, इस सवाल पर जेपी नड्डा ने कही ये बात

सुष्मिता देव ने संवाददाताओं से कहा कि महिला आरक्षण विधेयक सबसे बड़ा सामाजिक सुधार होगा क्योंकि इससे राजनीति करने में सुगमता होगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि वह महिला आरक्षण विधेयक को संसद की मंजूरी दिलवाएगी. सुष्मिता ने सवाल किया कि आखिर क्या वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने इस चुनावी वादे को लेकर चुप हैं जबकि उनके पास लोकसभा में काफी बहुमत है जिसकी मदद से वह इस विधेयक को आसानी से पास करा सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि महिला आरक्षण विधेयक पर आम सहमति बनाई जाएगी.

यह भी पढ़ेंः मोदी सरकार 2.50 रुपए में महिलाओं को देगी सैनिटरी नैपकिन

पूछा, तीन तलाक विधेयक पर आम सहमति बनाई गई?

कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या नोटबंदी और तीन तलाक विधेयक को संसद में लाने से पहले आम सहमति बनाई गई. महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि जब कांग्रेस, बीजेपी, बीजद, तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, द्रमुक और वाम दल महिला आरक्षण के पक्ष में हैं तो सरकार को इसे संसद में लाने में क्या परेशानी है? लोकसभा सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री आज समाज में महिलाओं के खिलाफ जो अपराध हो रहे हैं, उन पर कभी क्यों नहीं बोलते हैं. बीजेपी दिखाने के लिए तो यह कहती है कि उसने अपने मंत्रिमंडल में इतनी सारी महिलाओं को महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी है किंतु जब महिला आरक्षण की बात आती है तो वह चुप हो जाती है.

यह भी पढ़ेंः VIDEO: अवनी चतुर्वेदी ने कुछ यूं छुआ आसमां की ऊंचाइयों को

कांग्रेस करेगी प्रदर्शन

सुष्मिता ने कहा कि यदि सरकार महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में नहीं लेकर आई तो महिला कांग्रेस प्रधानमंत्री और केन्द्र की महिला मंत्रियों के घरों पर प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कहा कि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी की पहल पर पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार ने आम सहमति नहीं होने के बावजूद राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक को पारित करवाया था. किंतु उस समय लोकसभा में उसके पास समुचित बहुमत नहीं होने के कारण विधेयक लटक गया था.