नई दिल्लीः अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के झुंझुनूं में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के विस्तार कार्यक्रम का आगाज किया. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर पीएम मोदी ने यहां रैली को संबोधित किया. यह कार्यक्रम फिलहाल 161 जिलों में चलाया जा रहा है. पीएम ने इस योजना का विस्तार देशभर के 640 जिलों में किया. इस मौके पर पीएम मोदी एक बार फिर बच्चों के साथ मस्ती के मूड में दिखे. Also Read - कल राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी, 2017 में हुई थी घोषणा

न्यूज एजेंसी एएनआई ने 14 सेकेंड का वीडियो जारी किया है. वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बच्चे डांस करते नजर आ रहे हैं. वहीं पीएम मोदी उनका हौसला बढ़ाते दिख रहे हैं. डांस करते-करते एक बच्ची पीएम मोदी के एकदम करीब पहुंच जाती है. प्रधानमंत्री बच्ची को माइक पकड़ाते हैं, वह कुछ बोलती है और फिर डांस करने लगती है. उसके बाद एक और बच्चा पीएम के पास आता है. पीएम उसके सामने भी माइक बढ़ाते हैं लेकिन वह कुछ नहीं बोलता है और चला जाता है. इस बीच बच्चों का डांस जारी रहता है. Also Read - New Education Policy 2020: पीएम मोदी ने कहा- 21वीं सदी के नए भारत की बुनियाद बनेगी यह शिक्षा नीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली में कहा कि किसी भी समाज के लिए इससे बड़ी पीड़ा नहीं हो सकती है कि हमें बेटियों को बचाने के लिए प्रयास करना पड़ रहा है. स्त्री-पुरुष की समानता से यह समाज चलता है. झुंझुनूं ने मुझे आने को मजबूर कर दिया. आज पूरा देश झुंझुनूं से जुड़ गया है. पीएम मोदी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का देश के सभी जिलों में विस्तार हो रहा है. बेटी अब बोझ नहीं, समाज की आन-बान शान हैं.

पीएम ने कहा कि जब तक हमारे जेहन में बेटा-बेटी एक समान की भावना नहीं होगा, तब तक बेटियों को कोख में मार दिया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री का लोग चाहे जितनी निंदा करें, लेकिन देश की बेटियों की सेहत से खिलवाड़ या भेदभाव न करें. आज से पीएम का मतलब पोषण मिशन होगा. पीएम मोदी ने राष्ट्रीय पोषण मिशन का उद्घाटन किया.

पीएम मोदी ने कहा कि 18वीं सदी में बेटियों को जन्म दिया जाता था, फिर उन्हें दूध में डूबोकर मार दिया जाता था. अब और भी हालात खराब हो गए हैं. लोग गर्भ में ही बेटियों को मार देते हैं. हम उन्हें यहां आने ही नहीं देते हैं. पीएम ने कहा कि हर परिवार को बेटी बचाने का संकल्प लेना चाहिए. ऐसे परिवार देखे हैं जिनके 4-4 बेटे हैं, लेकिन उनके मां-बाप बुढ़ापे में वृद्धाश्रम में रहते हैं. मैंने कई ऐसी बेटियां भी देखी हैं, जिन्होंने मां-बाप की खातिर शादी नहीं कीं. पीएम ने कहा कि बच्चों के कुपोषण के लिए बाल विवाह भी बड़ा कारण है. छोटी उम्र में मां बनने से बच्चों का समुचित विकास नहीं हो पाता है. बेटा-बेटी में संतुलन बनाने के लिए एक आंदोलन चलाने की जरूरत है.