नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने संदिग्ध रूप से ड्रोन के जरिए सीमापार से पंजाब भेजे गए हथियारों, विस्फोटक और संचार उपकरणों से संबंधित मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का फैसला किया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

पंजाब पुलिस ने पिछले महीने पाकिस्तान और जर्मनी में स्थित एक समूह द्वारा समर्थित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा किया था. इसके बाद पंजाब सरकार के अनुरोध पर केन्द्र सरकार ने यह फैसला लिया. पंजाब पुलिस ने कहा था कि आतंकी समूह पंजाब और उससे सटे राज्यों में सिलसिलेवार हमलों की साजिश रच रहा था.

गृह मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया कि केंद्र सरकार का मानना है कि इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम 2008 में उल्लिखित अपराध हुए हैं. सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने और पंजाब में अस्थिरता और आतंकवाद को पुनर्जीवित करने जैसे अपराध की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में एनआईए अधिनियम के तहत जांच किए जाने की जरूरत है. इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार एनआईए को उक्त अपराधों की जांच करने का निर्देश देती है.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और संचार उपकरण भेजे गए. पंजाब के तरन तारन जिले के गांव चोला साहिब के बाहरी इलाके से 22 सितंबर को चार लोगों को गिरप्तार किया गया था, जिनके पास से पांच एके-47 राइफल, पिस्तौल, सेटेलाइट फोन और हथगोलों समेत बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे.

पंजाब पुलिस ने कहा कि ये हथियार संदिग्ध रूप से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अपने इशारे पर काम कर रहे जिहादियों और खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों के लिए भेजे थे.

(इनपुट-भाषा)