नई दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) पर आईएनएक्स मीडिया से संबंधित भ्रष्टाचार के उसी मामले में गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है, जिसमें उनके बेटे को 23 दिन जेल में रहना पड़ा था. बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) को जमानत दी थी. इस घोटाले ने अन्य हाई प्रोफाइल आरोपियों की ओर ध्यान आकृष्ट किया है, जिसमें जेल में बंद मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी शामिल हैं. दोनों शीना बोरा हत्याकांड में जेल में बंद हैं. शीना बोरा इंद्राणी और उनके पहले पति की बेटी थी. आपको बता दें कि एक नाटकीय घटनाक्रम में बुधवार की देर शाम सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को उनके आवास से गिरफ्तार किया. गुरुवार को उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जाएगा. आज दोपहर करीब 2 बजे चिदंबरम की कोर्ट में पेशी हो सकती है.

इससे पहले उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने अपने पिता की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दिया. पूर्व वित्त मंत्री की गिरफ्तारी के बाद चेन्नई से दिल्ली के लिए रवाना होते समय कार्ति ने कहा कि अनुच्‍छेद 370 के मुद्दे से ध्‍यान भटकाने के इरादे से उनके पिता को गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले कार्ति ने यह भी कहा था कि उनके पिता को जिस नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया गया, वह सिर्फ राजनीतिक बदले की कार्रवाई है. कार्ति चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया केस के मामले में कहा कि 2008 में हुई इस घटना में अब तक कोई आरोप साबित नहीं हुआ है.

आपको बता दें कि आईएनएक्स मीडिया मामले में कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी इंद्राणी द्वारा ईडी को दिए गए बयान के आधार पर हुई थी. उसने कहा था कि एफआईपीबी मंजूरी में हुए उल्लंघन को कथित तौर पर रफा-दफा करने के लिए 10 लाख डॉलर की कार्ति की मांग को दंपति ने स्वीकार कर लिया था. इंद्राणी आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की पूर्व निदेशक है. इंद्राणी 11 जुलाई को सीबीआई मामले में इकबालिया गवाह बन गई थी. पीटर मुखर्जी और इंद्राणी का नाम आईएनएक्स मीडिया द्वारा प्राप्त धन के लिए 2007 में विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (FIPB) की अवैध तरीके से मंजूरी हासिल करने से संबंधित मामले में सामने आया था.

तमिलनाडु के शिवगंगा से सांसद कार्ति फिलहाल जमानत पर हैं. उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 मार्च 2018 को जमानत दी थी. सीबीआई ने 15 मई 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें मीडिया समूह को 2007 में 305 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश हासिल करने के लिए अवैध तरीके से एफआईपीबी मंजूरी दिए जाने का आरोप लगाया गया था. उस वक्त पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे. इसके बाद ईडी ने भी कंपनी के संस्थापकों पीटर और इंद्राणी मुखर्जी और अन्य के खिलाफ धन शोधन कानून के तहत मामला दर्ज किया था. कार्ति को 28 फरवरी 2018 को सीबीआई ने ब्रिटेन से उनके लौटने के बाद गिरफ्तार किया था.

(इनपुट – एजेंसी)