नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया मामले में यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है. उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की है. उनका कहना है कि केंद्रीय एजेंसी उन्हें गलत भावना के तहत गिरफ्तार करना चाहती है. लेकिन वह खुद सीबीआई दफ्तर जाकर जांच में शामिल होंगे.

एयरसेल मैक्सिस मामले में गिरफ्तारी से थोड़े वक्त के लिये राहत पाने के कुछ ही घंटे बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने आज आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का आज दरवाजा खटखटाया. चिदंबरम की तरफ से अधिवक्ता पी के दूबे ने याचिका दायर की है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष केस उठाया गया. पीठ ने मामले को आज ही सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी.

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वकील ने बताया कि मामला बाद में न्यायमूर्ति एस पी गर्ग के समक्ष आया. उन्होंने इस पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया. इससे पहले दिन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने एयरसेल मैक्सिस धन शोधन मामले में विशेष न्यायाधीश ओ पी सैनी के पास अग्रिम जमानत याचिका दायर की. सैनी ने उन्हें एजेंसी की ओर से जारी सम्मन के अनुसार पांच जून को प्रवर्तन निदेशालय के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया. अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी करके पांच जून तक उससे जवाब मांगा. साथ ही उसे निर्देश दिया कि वह तब तक मामले में चिदंबरम के खिलाफ कोई भी दबाव बनाने वाली कार्रवाई नहीं करे.

क्या है पूरा मामला

यह पूरा मामला यूपीए सरकार में पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान INX मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (FIPB) की ओर से फंड हासिल करने के लिए दी गई मंजूरी से जुड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक INX मीडिया ने फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (FIPB) से 13 मार्च, 2007 को विदेश निवेश हासिल करने की अनुमति मांगी थी. FIPB ने INX मीडिया में निवेश की अनुमति दे दी लेकिन INX न्यूज के लिए कोई अनुमति नहीं दी. तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने INX मीडिया के प्रस्ताव को मंजूर भी दे दी. लेकिन कंपनी ने सिफारिशों का उल्लंघन करते हुए INX न्यूज में विदेशी निवेश हासिल किया और 305 करोड़ रुपये जुटाए.

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच विंग ने साल 2008 में कंपनी से सफाई मांगी, तो उसने कहा कि सब कुछ सिफारिशों के तहत किया गया है. इसके बाद कार्रवाई से बचने के लिए INX न्यूज ने कार्ति के तत्कालीन वित्त मंत्री के साथ रिश्तों का हवाला देते हुए प्रभावित कर मामला सुलझाने की कोशिश की. आरोप है कि कार्ति के प्रभाव के कारण अधिकारियों ने न सिर्फ INX मीडिया की इस अवैधता को नजरअंदाज कर दिया बल्कि अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर उन्हें फायदा पहुंचाया.

(भाषा इनपुट)