नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज बुधवार को अपना फैसला सुनाएगा. चिदंबरम ने अपनी जमानत याचिका खारिज होने दिल्ली हाईकोर्ट के 15 नवंबर के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है. बता दें क‍ि चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने 21 अगस्त को को पहली बार गिरफ्तार किया था.

जस्टिस आर भानुमति, जस्टिए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय की पीठ ने 28 नवंबर को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी की थी. पीठ ने कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा.

प्रभाव बनाम प्रतिष्‍ठा की दलीलें
कांग्रेस के इस 74 साल नेता की जमानत अपील पर सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया था कि पूर्व वित्त मंत्री हिरासत में होने के बावजूद महत्वपूर्ण गवाहों पर अपना प्रभाव रखते हैं, जबकि पूर्व वित्त मंत्री का कहना था कि जांच एजेंसी इस तरह के निराधार आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा और करियर बर्बाद नहीं कर सकती है.

धन शोधन जैसा अपराध गंभीर
चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए मेहता ने कहा था कि धन शोधन जैसा अपराध गंभीर किस्म का है और यह सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को ही नहीं प्रभावित करता, बल्कि व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को डगमगाता है.

12 बैंक खातों में इस अपराध से मिली रकम जमा
मेहता का कहना था कि जांच के दौरान निदेशालय ने 12 बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें इस अपराध से मिली रकम जमा की गई और एजेंसी के पास ऐसी 12 संपत्तियों का भी ब्योरा है, जिन्हें कई दूसरे देशों में खरीदा गया है.

चतुर चिदंबरम बहुत प्रभावशाली
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया था कि चिदंबरम ने निजी लाभ के लिए वित्त मंत्री के प्रभावशाली कार्यालय का इस्तेमाल किया और इस अपराध की रकम को हड़प गए. निदेशालय ने यह भी दावा किया था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री होने की वजह से चिदंबरम बहुत ही चतुर और प्रभावशाली व्यक्ति हैं और इस समय उनकी उपस्थिति ही गवाहों को भयभीत करने के लिए काफी है.

तीन माह से अनुचित तरीके से जेल में रखा
चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि उन्हें अनुचित तरीके से पिछले 99 दिन से सिर्फ इसलिए जेल में रखा गया है, क्योंकि वह आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में मुख्य आरोपी कार्ति चिदंबरम के पिता हैं और इस मामले से उन्हें जोड़ने के लिए उनके खिलाफ एक भी साक्ष्य नहीं है.

मामले में कार्रवाई की अहम बातें
– चिदंबरम को पहली बार आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था.
– सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम को 22 अक्टूबर को जमानत दे दी थी.
– इसी दौरान 16 अक्टूबर को ईडी ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले से मिली रकम से संबंधित धन शोधन के मामले में चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया.
– पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेस के सीनियर नेता चिदंबरम इस समय 11 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में हैं
– सीबीआई ने 15 मई, 2017 को एक मामला दर्ज किया था
– चिदंबरम पर आरोप था कि 2007 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान अनियमितताएं हुईं
– विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड में आईएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश प्राप्त करने की मंजूरी देने में अनियमितताएं हुईं
– सीबीआई के केस दर्ज करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी धन शोधन का मामला दर्ज किया