नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ सीबीआई इसी महीने आरोप पत्र दाखिल कर सकती है. गौरतलब है कि सीबीआई ने चिदंबरम को यहां की एक अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले दो हफ्ते तक अपनी (सीबीआई की) हिरासत में रखा था और उनसे पूछताछ की. यह मामला उनके वित्त मंत्री पद पर रहने के दौरान कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर कंपनी को 305 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश को मंजूरी देने के आरोप से जुड़ा है. सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी इस मामले में इसी माह आरोप पत्र दाखिल करने पर विचार कर रही है. वह मामले की जांच जारी रखेगी. पूर्व वित्त मंत्री से 14 दिन में करीब 90 घंटे तक चली पूछताछ में कम से कम 425 प्रश्न पूछे गए थे.

चिदंबरम को वित्त मंत्रालय के पूर्व अतिरिक्त सचिव सिंधूश्री खुल्लर और निदेशक प्रबोध सक्सेना के सामने बैठा कर भी पूछताछ की गई. राज्यसभा सदस्य चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया को दी गई विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मंजूरी में कथित अनियमितता के सिलसिले में 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी. उस वक्त चिदंबरम वित्त मंत्री के पद पर थे.

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को अदालत से राहत मिलने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा था. कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम को 19 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. बता दें कि सीबीआई ने दिल्ली के रॉउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी देकर गुहार लगाई थी कि पी चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की गुहार सुनते हुए चिदंबरम की याचिका खारिज कर दी और पांच सितम्बर को चिदंबरम को जेल जाना पड़ा. चिदंबरम इस समय तिहाड़ जेल में हैं. चिदंबरम को 19 सितंबर तक जेल में रखा जाएगा. चिदंबरम को जेल में अलग सेल, बाथरूम व लेटने के लिए चारपाई दी गई है.

वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपए का विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद, प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में 2017 में ही धन शोधन का मामला दर्ज किया था. यूपीए के 10 साल शासन के दौरान चिदंबरम 2004 से 2014 तक देश के गृह मंत्री और वित्त मंत्री रहे थे. राष्ट्रीय राजधानी के जोर बाग इलाके में स्थित उनके आवास से सीबीआई ने उन्हें 21 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था.