
Tanuja Joshi
हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक... तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी ... और पढ़ें
Iran Crisis: ईरान में जारी राजनीतिक उथल-पुथल और हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारत और ईरान के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क सामने आया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बातचीत की और देश में तेजी से बदलते हालात पर चर्चा की. इस बातचीत की जानकारी खुद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. उन्होंने लिखा कि ईरान और उसके आसपास की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई है.
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक करीब 2,500 लोगों की मौत हो चुकी है और देशभर में 280 से ज्यादा स्थानों पर झड़पें हुई हैं. महंगाई, दोहरे अंकों की मुद्रास्फीति और ईरानी मुद्रा के लगातार गिरते मूल्य ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है. आंदोलन अब अपने 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के सभी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, कारोबारियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे उपलब्ध साधनों, खासकर व्यावसायिक उड़ानों के जरिए ईरान छोड़ दें. साथ ही भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने पासपोर्ट और अन्य पहचान पत्र हर समय तैयार रखें और किसी भी मदद के लिए दूतावास से संपर्क में रहें.
दूतावास ने यह भी दोहराया है कि भारतीय नागरिक प्रदर्शन और हिंसाग्रस्त इलाकों से दूर रहें, स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें और दूतावास के संपर्क में रहें. इस बीच जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील की है कि ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से अपने संस्थानों पर कब्जा करने की अपील की है और संकेत दिया है कि उन्हें समर्थन मिल सकता है. वहीं, अमेरिका ने एहतियातन कतर स्थित अल उदैद एयर बेस से कुछ कर्मियों को हटाने की सलाह दी है. ईरान ने पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी.
कुल मिलाकर, ईरान में बिगड़ते हालात न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं, और भारत स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है.
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