IRCTC Indian Railway: भारतीय रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान देश का भार को उठाने का काम किया है. यही नहीं भारतीय रेलवे ने कई बड़ी उपलब्धियां इस दौरान हासिल की है. हालांकि रेलवे को लेकर हमेशा कुछ लोगों की यह शिकायत रहती है कि रेलवे की खराबियों के चलते उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है. इसी समस्या से यात्रियों को निजात दिलाने के लिए रेलवे द्वारा एक नया कदम उठाया गया है. भारतीय रेलवे द्वारा किसी भी रेलवे संबंधित समस्या को दूर करने के लिए एक ‘OHE Inspection’ (OHE) नाम का ऐप लॉन्च किया है. Also Read - IRCTC Indian Railway: अब IRCTC से आधार को वेरिफाई कराना हुआ अनिवार्य, मिलेंगे कई फायदे

OHE Inspection (OHE) इस ऐप के जरिए भारतीय रेलवे अपनी हर तकनीकी खामियों पर नजर रख पाएगा. इसके जरिए रेलवे ओवर हेड वायर पर नजर रख सकता है. इसमें अगर किसी तरह की खराबी आए तो रेलवे विभाग को तुरंत इसकी सूचना मिल जाएगी और रेलवे द्वारा इसका समाधान कर दिया जाएगा. बता दें कि यह ऐप रियल टाइम मॉनिटरिंग यानी लाइव निगरानी करता है. इस ऐप में कई खासियते हैं. जैसे अगर ओएचई में किसी प्रकार की दिक्कत होगी तो यह ऐप तस्वीर खींचकर तुरंत आगे विभाग के पास तक भेज देगा. Also Read - IRCTC Indian Railway: रेलवे ने किया बड़ा बदलाव, महीने भर में 12 online टिकटों की करा सकेंगे बुकिंग

यह ऐप पूरे देश को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. अगर देश के किसी भी हिस्से में ओवर हेड वायर टूटता है तो खुद ब खुद वायर टूटने का अलर्ट स्थानीय रेलवे प्रशासन तक पहुंच जाएगा. इसके बाद रेलवे प्रशासन यात्रियों को किसी तरह की समस्या न आए इसलिए इन वायर हेड को ठीक करेगा. बता दें कि भारतीय रेलवे ने बीते कुछ दिनों में कई उपलब्धियां हासिल की है. वहीं रेलवे ने साल 2030 का लक्ष्य भी बना रखा है. इसके तहत भारतीय रेलवे को हरित रेलवे में बदलने का लक्ष्य रखा गया है. Also Read - Kisan Rail: आज से चलेगी देश की पहली किसान रेल, यूपी-बिहार सहित इन राज्यों के किसानों को होगा फायदा, जानें रूट

40,000 किमी से अधिक रूट की विद्युतीकरण करने का काम पूरा हो चुका है. व्यसत रूट्स पर रेलवे दिसंबर 2023 तक विद्ययुतीकरण करेगा. रेलवे विभाग का यह प्रयास बिजली की बचत को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है. इसके तहत भोपाल, जबलपुर और नरसिंहपुर रेलवे स्टेशनों पर प्रयास भी शुरू किए जा चुके हैं. बिजली बचाने की तकनीक के तहत अगर कोई ट्रेन प्लैटफॉर्म पर आएगी तो खुद ब खुद सभी लाइटें चालू हो जाएंगी. वहीं ट्रेन के जाने के बाद खुद ब खुद 50 प्रतिशत लाइटें बंद भी हो जाएंगी. इससे कहीं न कहीं देशभर में काफी बिजली की बचत होगी.