IRCTC Indian Railways On Alert: ऐसे समय में जब देश लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में अपने 20 जवानों के खोने के सदमे से उबर भी नहीं पाया है, अब एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि बाहर के देशों द्वारा भारतीय रेल नेटवर्क को मालवेयर (वायरस) से प्रभावित करके ट्रेनों की आवाजाही से लेकर इसके डेटा पर नजर रखी जा रही है. Also Read - Indian Railways Latest News: रेलवे ने बिहार से झारखंड आने वाली इन ट्रेनों पर लगाई 13 जुलाई से रोक

क्या है मालवेयर
मालवेयर एक प्रकार का सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है, जो किसी भी कंप्यूटर या बड़े नेटवर्क के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इस सॉफ्टवेयर को हैकर्स कंप्यूटर से पर्सनल डाटा चोरी करने के लिए डिजाइन करते हैं. मालवेयर आपकी निजी फाइलों तक पहुंचकर उन्हें दूसरे किसी डिवाइस में ट्रांसफर कर सकता है. इसके जरिए हैकर्स सूचनाएं, फोटो व वीडियो के साथ ही कई महत्वपूर्ण जानकारी चुरा सकते हैं. Also Read - यूपी में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां आज रात से होंगी लागू, क्‍या रहेगा बंद, क्‍या रहेगा खुला

खुफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, रेलवे का सिस्टम एपीटी 36 मालवेयर कैंपेंन की चपेट में आ गया है. सूत्र ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने रेलवे बोर्ड को इंटरनेट के साथ सिस्टम को तुरंत डिस्कनेक्ट करने और जल्द पासवर्ड बदलने के लिए अलर्ट किया है. सूत्र ने कहा कि एपीटी 36 मालवेयर पाकिस्तान से जुड़ा है, जो चीन का करीबी सहयोगी है. Also Read - IRCTC/Indian Railway: भारतीय रेलवे का बड़ा कदम- ट्रेनों के परिचालन में की गई कमी, इन राज्यों को सबसे ज्यादा नुकसान

सूत्र ने आगे कहा कि खुफिया एजेंसियों के अलर्ट किए जाने के बाद, रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के सिस्टम (कंप्यूटर) से मालवेयर को हटाने का काम किया जा रहा है.

सूत्र के अनुसार, एपीटी 36 मालवेयर कैंपेंन के माध्यम से ट्रेनों की आवाजाही सहित भारतीय रेल प्रणालियों में संग्रहीत डेटा को चोरी किया जा रहा था और इस जानकारी को देश से बाहर पहुंचाया जा रहा है.

सूत्र ने यह भी दावा किया कि एपीटी 36 मालवेयर ने डिफेंस मूवमेंट के आंकड़े लेने की भी कोशिश की है. सूत्र ने कहा कि भारतीय रेलवे के कम से कम चार सिस्टम एपीटी 36 मालवेयर से प्रभावित होने की सूचना है.

रेलवे के अलावा, रक्षा, केंद्रीय पुलिस संगठनों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में भी खतरा बना हुआ है.

खतरे को देखते हुए खुफिया एजेंसियों ने संबंधित विभागों से सुरक्षित कंप्यूटरों से ईमेल करने, ऑनलाइन सेवाओं के पासवर्ड बदलने, प्रभावित कंप्यूटरों की हार्ड-डिस्क का बैकअप लेने और ऑपरेटिंग सिस्टम और अन्य सॉफ्टवेयर को फिर से स्थापित करने के लिए कहा है.