नई दिल्ली: कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था. लॉकडाउन लगते ही ट्रेन , सड़क और हवाई यात्रा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. भारत सरकार ने अब रेलवे सेवा को बहाल कर दिया है और लॉकडाउ के बाद बुधवार को देश के कई शहरों पर ट्रेन यात्रियों को लेकर पहुंची. करीब साठ दिनों के बाद अपने घर पहुंचने की खुशी हर यात्री के चेहरे पर साफ तौर पर दिखाई दे रही थी. Also Read - Hajj Yatra 2020: आखिर क्यों कैंसिल हुई हज यात्रा, कमेटी वापस करेगी जमा पैसे, जानें क्या है बड़ी वजह

गुजरात के साबरमती आश्रम से पश्चिम बंगाल के हावड़ा सहित कई राज्यों से आज सुबह यात्री राजधानी दिल्ली पहुंचे. सभी यात्री अपने परिजनों से मिलकर काफी खुश थे और उन्होंने लॉकडाउन के दौरान ट्रेन चलाने के निर्णय के लिए सरकार को धन्यवाद भी कहा. Also Read - WHO Unbelievable Statement: भारत में कोरोनावायरस के तेजी से बढ़ते मामलों पर WHO ने कही ये बड़ी बात, आप भी रह जाएंगे हैरान

गुजरात और राजस्थान से पहले ट्रेन बुधवार को पहुंची. स्टेशन में काफी भीड़ रही कुछ ऐसे लोग थे जिनकों यहां सेआगे का सफर तय करना था तो स्टेशन में ऐसे भी लोग थे जो इस ट्रेन से यहां उतरे थे. ट्रेन मंगलवार को शाम साढ़े 6 बजे अहमदाबाद से रवाना हुई और सुबह 8 बजे नई दिल्ली पहुंची.

हावड़ा से दिल्ली पहुंचने वाली प्रियंका ने कहा कि मैं बता नहीं सकती कि मैं कितनी खुश हूं. प्रियंका ने कहा अपने पति और बच्चों को देखकर काफी खुशी हो रही है. इतने दिनों के बाद य्तार करने पर उन्होंने कहा कि यह एक सुखद अनुभव था और मैने वो सभी ऐहतियात बरते यात्रा के समय जो हमें कोरोना वायरस से बचा सकते हैं.

उत्तराखंड में खटीमा के रहने वाले 22 साल के अशोक टम्टा ने कहा कि उन्हें कोई अंदाजा नहीं है कि वह कैसे अपने घर पहुंचेंगे. अशोक की 8 अप्रैल को शादी थी. उन्होंने बताया कि जयपुर के जिस होटल में वह काम करता था वह बंद हो गया, जिससे वह बेरोजगार हो गया है.