नई दिल्ली: दिल्ली और देश के बड़े शहरों के बीच 12 मई से 15 ट्रेनें चलाकर रेलवे द्वारा अपनी यात्री सेवाएं शुरू करने के साथ ही बुधवार को 9000 से अधिक लोग नौ ट्रेनों से राष्ट्रीय राजधानी से विदा हुए. उपलब्ध आंकड़े के अनुसार दिल्ली से जो नौ ट्रेनें रवाना हुई, उनमें से हावड़ा, जम्मू, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई, डिब्रूगढ़, मुम्बई, रांची और अहमदाबाद की ट्रेनों में उनकी क्षमता से अधिक बुकिंग थी. बस बिहार की राजधानी पटना विदा हुई ट्रेन में 87 फीसद यात्री ही थे. Also Read - IRCTC Shramik Trains: स्टेशन देर से पहुंचे मजदूर तो दौड़ी मुंबई पुलिस, रुकवाई चलती ट्रेन, आंखों में आंसू, बजी तालियां, देखें Video

आधिकारिक आंकड़े के अनुसार बुधवार तक 2,08,965 यात्रियों ने अगले सात दिनों के दौरान सफर के लिए इन स्पेशल ट्रेनों में टिकट बुक कराये थे. एक अधिकारी ने कहा,‘‘ ओवरबुकिंग का यह मतलब नहीं है कि यात्री ट्रेन में आने जाने की जगह खड़े हैं. इसका बस यह मतलब है लोग ठहराव स्टेशनों पर चढ़ रहे हैं और उतर रहे हैं, इसी वजह से कई बुकिंग है.’’ पटना की ट्रेन में कम यात्रियों की वजह के बारे में अधिकारियों का कहना था कि चूंकि एक मई से 100 से अधिक ट्रेनें श्रमिकों को लेकर बिहार गयीं इसलिए इस ट्रेन में क्षमता से कम यात्री थे. Also Read - दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए एकीकृत व्यवस्था हो: सुप्रीम कोर्ट

कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच चलाई जा रही ट्रेनों को लेकर रेल मंत्रालय ने बताया कि भारतीय रेलवे की स्‍पेशल ट्रेनों भविष्‍य में अधिसूचित होंगी, जिसमें हमारे पास 22 मई से वेटिंग लिस्‍ट्स (waiting list) होंगी. रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि ट्रेनों में अधिकतम वेटिंग लिस्‍ट की सीमा क्‍या होगी. रेलवे ने कहा कि विशेष ट्रेनों में कोई ‘आरएसी’ सुविधा नहीं होगी. Also Read - नहाने के बाद भी नहींं फील होता है रिफ्रेशिंग तो अपनाए ये तरीके, थकान हो जाएगी दूर

रेलवे मंत्रालय ने बताया कि विशेष ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची एसी 3 टियर में 100, एसी 2 टियर में 50, स्लीपर क्लास में 200, चेयर कार में 100 तक होगी. रेलवे ने कहा कि बाद में अधिसूचित की जाने वाली ट्रेनों में 22 मई से प्रतीक्षा सूची होगी.