लखनऊ: जिस देश में मेडिकल सुविधा के अभाव में लोग दम तोड़ देते हों, वहां के सबसे बड़े राज्य में (आबादी के हिसाब से) अगर 8,342 चिकित्सकों के पदों में से 7,348 पद खाली हों तो आप क्या कहेंगे? ये मामला है उत्तर प्रदेश का जहां सरकार द्वारा चिकित्सकों के कुल 8342 पद मंजूर किए गए हैं लेकिन फिलहाल 7,348 पद खाली हैं. ये जानकारी उत्तर प्रदेश विधानसभा में खुद सरकार के मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने दी है. Also Read - बेबसी को ताकत बनाकर पंखों से नहीं, पैरों से इस शख्स ने भरी उड़ान

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मॉनसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने चिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मामला उठाया, तो सरकार ने बताया कि प्रदेश में चिकित्सकों के 7348 और विशेषज्ञ चिकित्सकों के 5000 से ज्यादा पद खाली हैं. कमी पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है. Also Read - पूर्व केंद्रीय मंत्री व सपा के दिग्गज नेता बेनी प्रसाद वर्मा का लखनऊ में निधन

समाजवादी पार्टी के सदस्य मनोज कुमार पारस और डॉ. संग्राम यादव ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से सवाल किया कि क्या प्रदेश में चिकित्सकों की कमी है? यदि हां, तो सरकार इस कमी को पूरा करने के लिए कोई योजना बनाएगी? यदि नहीं, तो क्यों? Also Read - Coronavirus: उत्तर प्रदेश में कोरोना के सात नए मामले, नोएडा में मिले चार पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या 50 हुई

विपक्ष के इस सवाल पर सरकार के मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में चिकित्सकों के कुल 8342 पद मौजूद हैं, जिसमें 7348 पद खाली हैं. फिलहाल 2354 रिक्त पदों को भरने के लिए लोक सेवा आयोग (इलाहाबाद) को 13 मार्च, 2018 को निवेदन किया गया है.

चिकित्सकों की रिटायरमेंट आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करते हुए 457 चिकित्सक मिले हैं. सेवानिवृत्त चिकित्सकों को पुनर्योजन के माध्यम से रखा गया है. वॉक-इन-इंटरव्यू से 367 चिकित्सकों का चयन किया गया है तो एनएचएम से 881 चिकित्सक मिले हैं. उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की कमी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उमाशंकर सिंह ने पूछा कि 5000 से ज्यादा विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी कब पूरी की जाएगी? इस पर मंत्री ने कहा कि एमएचएम के माध्यम से 841 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की गई है, बाकी खाली पदों पर भर्ती जल्द ही पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति की जाती है.

(इनपुट: एजेंसी)