नई दिल्ली: भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी संजय कुमार मिश्रा को शनिवार को अतिरिक्त प्रभार के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का नया प्रमुख नियुक्त किया गया. सरकार के एक आदेश में यह जानकारी दी गई. आयकर कैडर के 1984 बैच के आईआरएस अधिकारी एसके मिश्रा को इस केंद्रीय जांच एजेंसी में प्रधान विशेष निदेशक नियुक्त किया गया है. उन्हें तीन महीने के लिए ईडी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

नेशनल हेराल्ड मामले में की थी जांच 
ईडी के नए प्रमुख एस के मिश्रा आयकर विभाग में विभिन्न पदों पर रहें और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के विदेशी कर विभाग में भी अपनी सेवा दे चुके हैं, जो विदेशों में धन छुपाने वाले भारतीयों के मामलों से संबंधित है. उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में नेहरू – गांधी परिवार की संलिप्तता और कुछ अन्य प्रमुख मामलों में विभाग की जांच में भी अहम भूमिका निभाई.

तीन महीने के ल‍िए न‍ियुक्‍त‍ि 
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि ईडी प्रमुख के रूप में उनकी (मिश्रा की) नियुक्ति तीन महीने की अवधि के लिए या नियमित पदाधिकारी की नियुक्ति होने तक के लिए (इन दोनों में जो भी पहले हो) किया जा रहा है.

अतिरिक्त प्रभार के साथ ईडी निदेशक 
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में मुख्य आयकर आयुक्त के रूप में कार्यरत मिश्रा, केंद्र सरकार में अतिरिक्त सचिव की सूची में शामिल नहीं थे और इसलिए उन्हें अतिरिक्त प्रभार के साथ ईडी का निदेशक बनाया गया है. उन्हें जल्द ही सूची में शामिल कर लिए जाने की उम्मीद है और इसके बाद वह पूरी तरह ईडी प्रमुख का कार्यभार संभालेंगे.

करनाल सिंह का स्थान लेंगे
ईडी निदेशक का पद केंद्र सरकार में अतिरिक्त सचिव रैंक के पद के बराबर होता है. मिश्रा, करनाल सिंह का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल रविवार को समाप्त हो रहा है. सिंह, केंद्र शासित प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं जो ईडी निदेशक के रूप में करीब तीन साल का कार्यकाल पूरा करेंगे.

करनाल सिंह हाई प्रोफाइल मामलों की जांच करवाई
सिंह ने कुछ हाई प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया था, जिसमें वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामला, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम एवं उनके बेटे कार्ति के खिलाफ मामले और नीरव मोदी और विजय माल्या के धन शोधन मामले की जांच शामिल है.

सिंह ने 33,563 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क की 
सिंह के कार्यकाल के दौरान संबद्ध केंद्रीय जांच एजेंसी में मामले दर्ज होने और संपत्ति कुर्क एवं आरोप पत्र दाखिल होने की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई. उनके कार्यकाल के दौरान ईडी ने 33,563 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क की, जबकि 2005-2015 के बीच यह आंकड़ा 9,003 करोड़ रुपए का था.