viral video क्या स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांतिकारी भगत सिंह (freedom fighter Bhagat Singh) को बेकसूर साबित करने के लिए पाकिस्तान में याचिका दायर (Petition filed in Pakistan) की गई है? क्या जल्द ही पाकिस्तान के लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका सुनवाई होने जा रही है? ये तमाम सावल उस वीडियो ने खड़े किए हैं जो इन दिनों एक बार फिर से सोशल मीडिया पर वायरल (viral video) हो रहा है. दरअसल व्हाट्सएप पर पाकिस्तान के एक टीवी चैनल का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि भगत सिंह को बेकसूर साबित करने के लिए पाकिस्तान में याचिका दायर की गई है.Also Read - Sherni Ka Video: नदी के पास शिकार के लिए मगरमच्छ से भिड़ गई शेरनी, फिर दिखा हैरतअंगेज नजारा- देखें वीडियो

वायरल हो रहे इस वीडियो में याचिका दायर करने वाले पाकिस्तानी वकील इम्तियाज राशिद कुरैशी भी नजर आ रहे हैं जिनसे एक न्यूज चैनल के दो एंकर्स बात कर रहे हैं. बता दें कि इम्तियाज राशिद कुरैशी पाकिस्तान के भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं. ये वीडियो पाकिस्तान में ही नहीं बल्कि भारत में भी खूब वायरल हो रहा है. इसमें बताया जा रहा है कि इम्तियाज राशिद कुरैशी ने पाकिस्तान के लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर जल्द सुनवाई की मांग की है, और अदालत इस पर राजी भी हो गई है. Also Read - Viral Video Today: पहाड़ी रास्ते पर खतरनाक तरीके से फंस गई कार, फिर ड्राइवर ने जो किया इंप्रेस हो जाएंगे- देखें वीडियो

अब आते हैं उस सवाल पर की क्या सच में भगत सिंह को बेकसूर साबित करने के लिए पाकिस्तान में याचिका दायर की गई है? क्या ये वीडियो सच है? तो इसका जवाब है कि हां, ये वीडियो सच है लेकिन इसमें थोड़ा समय का झोल है. दरअसल ये वीडियो कुछ साल पुराना है. Also Read - Dance Ka Video: सपना चौधरी का गाना बजते ही स्टेज पर चढ़ गए चाचाजी, फिर लेट-लेटकर किया ऐसा डांस बस देखते रह जाएंगे- देखें वीडियो

क्या है पूरा मामला?

दरअसल पाकिस्तान के इस वकील इम्तियाज राशिद कुरैशी ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह को बेकसूर साबित करने की याचिका दायर की है. याचिका में उन्होंने लाहौर षड्यंत्र केस को आधार बनाया. जैसा कि सबको पता है कि इसी केस में करीब 90 साल पहले 23 मार्च 1931 को भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी की सजा दी गई थी. इस याचिका की सुनवाई के दौरान लाहौर पुलिस ने इस केस की एफआईआर अदालत के सामने पेश की. यह एफआईआर 17 दिसंबर 1928 को दर्ज हुई थी, जिसमें दो अज्ञात बंदूकधारियों का जिक्र है. यह एफआईआर उर्दू में है और लाहौर के अनारकली पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी.

अब पाकिस्तान में याचिका दायर करने वाले कुरैशी के अनुसार, इस केस में अनारकली पुलिस थाने का एक अधिकारी शिकायतकर्ता था. वे बताते हैं, “प्राथमिकी में, शिकायतकर्ता-सह-प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि जिस व्यक्ति का उसने पीछा किया वह “5 फीट 5 इंच का था, एक हिंदू जैसा दिखता था, छोटी मूंछें, पतला और मजबूत शरीर था, और सफेद पतलून (पायजामा), ग्रे शर्ट ( कुर्ता) और एक छोटी काली क्रिस्टी जैसी टोपी” पहनी थी.” कुरैशी ने ये भी कहा कि भगत सिंह के मामले को देख रहे ट्रिब्यूनल के विशेष न्यायाधीशों ने मामले में 450 गवाहों को सुने बिना ही उन्हें मौत की सजा सुनाई.

कुरैशी ने उस समय के ट्रिब्यूनल के विशेष न्यायाधीशों पर कई गंभीर आरोप लगाए. हालांकि अपनी याचिका दायर करने का कुरैशी का मकसद ब्रिटिश सरकार पर “झूठे मुकदमे” के लिए माफी मांगने के लिए दबाव डालने का है. कुरैशी को उम्मीद है कि अगर पाकिस्तान की अदालत भगत सिंह के खिलाफ फैसले को रद्द कर देती है, तो ब्रिटिश सरकार पर “झूठे मुकदमे” के लिए माफी मांगने के लिए दबाव डाला जा सकता है.

कुल मिलाकर पड़ताल से यह पता चला है कि यह पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो न्यूज का वीडियो है लेकिन कई साल पुराना है. ये वीडियो करीब 2016 से 2018 का है और तब से इस मामले में कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है. तो ये कहा जा सकता है कि वीडियो सच है, याचिका दायर हुई है ये भी सच है लेकिन हाल फिलहाल में ऐसा कुछ हुआ है? ये सच नहीं है.