चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रविवार को अमृतसर में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित खालिस्तानी या कश्मीरी आतंकवादियों की भूमिका होने का संदेह जताया है. वहीं, पंजाब पुलिस के प्रमुख सुरेश अरोड़ा ने बताया कि यह घटना ”आतंकी कृत्य” प्रतीत होता है…हम इसे एक आतंकी हरकत के तौर पर लेंगे. पंजाब पुलिस ने कहा कि अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में एक धार्मिक सभा में हुआ हमला ”आतंकी कृत्य” प्रतीत होता है. Also Read - पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को लड़ाकू विमानों जानकारी देते हुए HAL कर्मी गिरफ्तार

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पुलिस ने बताया कि अमृतसर के राजासांसी के निकट अधिवाला गांव में निरंकारी भवन में यह घटना हुई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए. मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि अब तक प्रांरभिक जांच में खुलासा हुआ है कि दो लोग, जिनके चेहरे ढके हुए थे, एक पिस्तौल दिखाते हुए हॉल की ओर गए. उन्होंने सेवादार को कब्‍जे में ले लिया और समागम में ग्रेनेड फेंक दिया और एक मोटरसाइकिल से भाग गए.

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इसे एक आतंकी हरकत के तौर लेंगे

पंजाब पुलिस के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कहा, ”इसमें (इस घटना में) आतंक का एक पहलू दिख रहा है, क्योंकि यह एक समूह (लोगों) के खिलाफ है, न कि किसी एक व्यक्ति के. लोगों के समूह पर ग्रेनेड फेंकने का कोई कारण नहीं है, इसलिए हम इसे एक आतंकी हरकत के तौर लेंगे. साबित होने तक हम प्रथम दृष्टया इसे इसी रूप में लेंगे.”

ISI-समर्थित खालिस्तानी या कश्मीरी आतंकवादी समूहों की संलिप्तता

अमरिंदर ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ”(अमृतसर आतंकी हमले) में आईएसआई-समर्थित खालिस्तानी या कश्मीरी आतंकवादी समूहों की संलिप्तता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.” उन्होंने कहा कि फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है और सभी दृष्टिकोण से जांच की जा रही है.” मुख्यमंत्री ने लोगों से दहशत में नहीं आने और शांत रहने की अपील की.

ग्रेनेड फेंका, तीन लोगों की मौत

पुलिस महानिरीक्षक एस. एस. परमार ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मीडियाकर्मियों से से कहा, ”एक ग्रेनेड फेंका गया. तीन लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है.” वहीं, एक खुफिया सूचना में दावा किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद के छह से सात आतंकवादियों का एक समूह राज्य में, खासतौर से फिरोजपुर में मौजूद है. इस सूचना के बाद से पंजाब अलर्ट पर है.

आतंकी ताकतों” को गई शांति भंग नहीं करने देंगे

कैप्‍टन सिंह ने अमृतसर में ग्रेनेड हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वह ”आतंकी ताकतों” को राज्य में कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग नहीं करने देंगे. उन्होंने ट्वीट किया, ”हम आतंकी ताकतों को कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग नहीं करने देंगे.” उन्होंने कहा, ”मैं अमृतसर बम विस्फोट के मद्देनजर पंजाब के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करता हूं. मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप घबरायें नहीं और संयम बनाए रखें.”

मारे गए लोगों के परिजन को पांच लाख का मुआवजा

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि हमले के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और गृह सचिव, डीजीपी, डीजी (कानून एवं व्यवस्था) और डीजी (खुफिया) को अमृतसर के राजा सांसी जाकर जांच की निगरानी करने के निर्देश दिए. प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य में निरंकारी भवनों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. उन्होंने बताया कि सिंह ने इस घटना में मारे गए लोगों के परिजन को पांच लाख रुपए का मुआवजा देने और घायलों का मुफ्त इलाज किये जाने की घोषणा की है.

सिंह ने ट्वीट किया, ”अमृतसर में निरंकारी भवन में बम विस्फोट की कड़ी निंदा करते है. मेरी संवेदनाएं अमृतसर बम विस्फोट के पीड़ितों और उनके परिजनों के साथ है. मेरी सरकार प्रत्येक मृतक के परिजन को पांच लाख रुपए देगी और घायलों का मुफ्त इलाज कराएगी. जिला प्रशासन से मदद बढ़ाने के लिए कहा गया है.”