भारत में पावर प्लांट, हवाई अड्डे और परमाणु संयंत्र पर हमले की साजिश रच रहा पाकिस्तान, ISI के खतरनाक प्लान का पर्दाफाश
ISI terror module busted: भारत में हमले की साजिश रच रहे आतंकियों के पास से दिल्ली और मुंबई के कई रणनीतिक स्थानों के जासूसी वीडियो भी बरामद किए गए हैं. ये दिल्ली में क्षा या सरकारी प्रतिष्ठानों और मुंबई में दादर रेलवे स्टेशन, प्रमुख पुल और पार्क जैसी जगहों पर हमले की तैयारी कर रहे थे.
ISI-linked terror module busted: दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारों पर चलने वाले एक आतंकी माड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह का कनेक्शन अंडरवर्ल्ड से भी है. इस मामले से जुड़े 8 लोगों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि इस आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर पांच भारतीय शहर थे. ये लोग मुंबई और दिल्ली में धमाकों की योजना बना रहे थे. ये भी पता चला है कि इनके निशाने पर पावर प्लांट, हवाई अड्डे और परमाणु संयंत्र भी थे. इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों से हथियार, विस्फोटक, हथगोले, पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए हैं. सामने आया है कि ये हथियार पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से सप्लाई किए गए थे.
30 मई की रात दिल्ली दहलाने की योजना थी
खुफिया एजेंसियों के समन्वय से चलाए गए एक अभियान में स्पेशल सेल ने जिन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनसे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. आईएसआई और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर देश में कई अहम ठिकाने थे. आतंकियों ने 29 और 30 मई की रात को दिल्ली में एक साथ कई हमले करने की योजना बनाई थी. ये सभी पाकिस्तान के कराची स्थित हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे. पाकिस्तान से काम करने वाले चार हैंडलर्स की पहचान मुन्ना जगड़ा, यावर खान, शहजाद भट्टी और आमिर जट्ट के रूप में हुई है.
कितना बड़ा है ISI द्वारा प्रायोजित मॉड्यूल
सुरक्षा एजेंसियां इस ISI द्वारा प्रायोजित मॉड्यूल तक कई कड़ियों को जोड़कर पहुंची. मई महीने में झारखंड के रहने वाले एक डॉन, विजय शूटर को पुणे से गिरफ्तार किया गया था. विजय से पूछताछ के आधार पर नीतीश पासवान नाम के एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया. दोनों ने ISI से अपने संबंधों की बात कबूल की. आगे पूछताछ के आधार पर दो और लड़कों को गिरफ्तार किया गया. ये अरबाज खान उर्फ साजिद महबूब शेख और तौकीर शेख थे. इस जांच से पता चला कि ये मॉड्यूल महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले की योजना बना रहा था. इसमें मुंबई में दादर रेलवे स्टेशन जैसी जगह शामिल थी जहां लाखों यात्री आते-जाते हैं. इन जगहों की तकनीकी निगरानी भी की गई थी. जांचकर्ताओं का मानना है कि अगर ये हमले हो जाते, तो इससे भारी नुकसान हो सकता था और सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती थी. इस नेटवर्क को काफी लंबे समय से तैयार किया जा रहा था और इसे पाकिस्तान में बैठे आकाओं द्वारा निर्देशित किया जा रहा था.
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के स्पेशल CP अनिल शुक्ला ने बताया कि जांच में अंडरवर्ल्ड की भूमिका सामने आई है. एक आरोपी मुन्ना जगड़ा ने साल 2000 में छोटा राजन पर हमला किया था. इसके बाद उसने बैंकॉक की जेल में 17 साल बिताए और फिर कराची लौट गया. मुन्ना जगड़ा ने छोटा शकील के इशारे पर भी काम किया है. पाकिस्तानी पासपोर्ट में उसका नाम सलीम था. सभी आरोपी WhatsApp के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे.
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