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दो बांग्लादेशी मज़दूर, जिन्हे आतंकी संघटन आईएसआईएस ने अग़वा किया था उन्होंने बेहद चौकाने वाला दावा किया है। इन मज़दूरों के अनुसार आईएसआईएस ने इसी साल जून महीने में अगवा किये हुए ४० भारतीय मज़दूरों में से ३९ की गोली मारकर ह्त्या कर दी। एक मज़दूर चमत्कारिक ढंग से भाग निकला जिसने बादमे यह कहानी बताई। हालांकि सरकार ने इस तरह की घटना से इनकार किया है।
खबरों के अनुसार दोनो बांग्लादेशी मजदूर शफी और हसन ने इस बात का दावा किया है की, आईएस के चुंगुल के बच के निकला हुआ भारतीय मज़दूर हरजीत उनसे मिला था और उसने स्वयं यह बात उन्हें बताई।  हरजीत ने यह भी कहा की इराक के मोसूल में उसकी आँखों के सामने उसके ३९ साथियो को मौत के घाट उतार दिया गया। हरजीत फिर बांग्लादेशियों मज़दूरों में शामिल हो गया और मुसलमान होने का नाटक करने लगा। वह सभी के साथ नमाज़ भी पढता था। हरजीत ने अपना नाम अली बताया था। हालांकि इरबिल शहर पहुचने के बाद इन मज़दूरों ने हरजीत के साथ संपर्क खो दिया।
बैरहाल हरजीत की मौजूदा हालात के बारे में किसी को खबर नहीं है। ऐसा बताया जा रहा हैं की कुछ दिनों पहले उसने अपनी माता से बात की थी।
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