नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी कृष्ण गोपाल ने छुआछूत के लिए इस्लाम और अंग्रेजों द्वारा गढ़े गए शब्द ‘दलित’ को जिम्मेदार ठहराया. इस बात का जनता दल (युनाइटेड) के नेता ने विरोध किया. एक किताब विमोचन के कार्यक्रम में बात करते हुए गोपाल ने सोमवार को कहा, “छुआछूत का पहला उदहारण तब देखने को मिला, जब इस्लाम भारत में आया.”

उन्होंने कहा, “यह तब देखा गया जब राजा दाहिर के घर पर उनकी रानियां ‘जौहर’ करने के लिए जा रही थीं. उन्होंने ‘मलेच्छ’ शब्द का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें ‘जौहर’ करने की जरूरत है, अन्यथा ‘मलेच्छ’ उन्हें छू लेंगे और वे अपवित्र हो जाएंगी.” उन्होंने कहा, “भारतीय किताबों में पहली बार यहां पर छुआछूत का उदहारण सामने आता है.” उन्होंने आगे कहा कि ‘फूट डालो और शासन करो’ की नीति अंग्रेजों की थी, जिन्होंने राज करने के मकसद से दलित शब्द को गढ़ा.

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इसके अलावा आरएसएस के सह-कार्यवाह ने इस्लामी आक्रमण और धर्म परिवर्तन को लेकर भी बात की. उन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही धर्मो ने भक्तों की संख्या बढ़ाने के लिए धर्म परिवर्तन का सहारा लिया. आरएसएस के पदाधिकारी कृष्ण गोपाल ने जब यह बात कही, केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल उस वक्त मंच पर मौजूद थे.

जद(यू) के महासचिव पवन कुमार वर्मा ने कहा, “दूसरों पर आरोप लगाने से अच्छा है, हम स्वयं अपने भीतर देंखे.” कृष्ण गोपाल पर कटाक्ष करते हुए, वर्मा ने कहा कि दूसरों पर अपनी समस्याओं का दोष देना हिंदू धर्म का लोकाचार नहीं है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का वैचारिक गुरु संगठन आरएसएस ही है और जद (यू) भाजपा की सहयोगी पार्टी है.