बेंगलुरू . भारत 12 जनवरी को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित अपने अंतरिक्ष केंद्र से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह काटरेसैट सहित 31 उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के निदेशक देवी प्रसाद कार्णिक ने बताया, हमने एक साथ काटरेसैट और अन्य उपग्रहों को ले जाने वाले रॉकेट को छोड़ने का समय सुबह 9.30 बजे निर्धारित किया है. इनमें से 28 उपग्रह अमेरिका के और पांच अन्य देशों के होंगे. Also Read - Covid-19: देश में आए 15,388 नए केस, सक्रिय मामलों में 6 दिन लगातार तेजी के बाद आज आई कमी

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2018 के इस पहले अंतरिक्ष अभियान के तहत ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी440) के जरिए 31 उपग्रह छोड़े जाएंगे. इस अभियान से चार महीने पहले 31 अगस्त को इसी तरह का रॉकेट पृथ्वी की निचली कक्षा में भारत के आठवें नौवहन उपग्रह को पहुंचाने में विफल रहा था. उन्होंने कहा, दूसरी श्रृंखला का छठा काटरेसैट और अन्य उपग्रहों को रॉकेट के साथ अंतरिक्ष केंद्र में एकीकृत कर दिया गया है. मिशन लांच बोर्ड दो दिन पूर्व उल्टी-गिनती के तहत रॉकेट के प्रस्थान का समय तय करेंगे. Also Read - क्या भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं सौरव गांगुली? बंगाल चुनाव से पहले दादा ने खुद किया बड़ा खुलासा

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इस मिशन में काटरेसैट 2 के अलावा भारत का एक नैनो उपग्रह और एक माइक्रो उपग्रह भी लॉन्च किया जाएगा. एक निगरानी उपग्रह के रूप में काटरेसैट शहरी व ग्रामीण नियोजन, तटीय भूमि उपयोग, सड़क नेटवर्क की निगरानी आदि के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएंगे. काटरेसैट-2 श्रृंखला के पहले दो उपग्रहों को यहां से 90 किलोमीटर दूर चेन्नई से 15 फरवरी व 23 जून को लॉन्च किया गया था.

अधिकारी के अनुसार, हमने अगले साल के लिए पहली छमाही में पांच-छह उपग्रहों को लॉन्च करने की योजना बनाई है, जिनमें दो जीएसएटी-6ए और जीएसएटी-29 उन्नत संचार उपग्रह भी शामिल हैं. इसके अलावा अंतरिक्ष एजेंसी की अपने दूसरे चंद्र मिशन (चंद्रयान-2) को भी लॉन्च करने की तैयारी है.