श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश). भारत ने आज मौसम की निगरानी करने वाले कार्टोसैट-2 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया. इसके साथ 29 अन्य उपग्रहों को भी छोड़ा गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पीएसएलवी सी-40 प्रक्षेपण यान से इन उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया.

चार माह पहले ही इसरो ने बैकअप नौवहन प्रक्षेपण यान आईआरएनएसएस-1एच का मिशन लॉन्च किया था. इसे पीएसएलवी-39 से प्रक्षेपित किया था और यह असफल रहा था. इसरो के चेयरमैन ए. एस. किरण कुमार ने घोषणा की कि कार्टोसैट-2 उपग्रह इस श्रेणी में सातवां उपग्रह है जो एक नैनो सैटेलाइट है.

पीएसएलवी सी-40 प्रक्षेपण यान के उड़ान भरने के बाद 17.33 मिनट के भीतर कार्टोसैट-2 उपग्रह और 28 अन्य वाणिज्यिक उपग्रहों को एक-एक करके सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया. कुमार ने कहा कि भारत के एक माइक्रो सैटेलाइट को करीब 90 मिनट बाद कक्षा में स्थापित किया जाएगा जो चौथे चरण का दहन शुरू होने के बाद स्थापित होगा.

वाणिज्यिक 28 अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों में तीन माइक्रो और 25 नैनो-सैटेलाइट हैं. यह छह देशों कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका के हैं.