नई दिल्लीः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने आज एक बड़ी सफलता हासिल कर ली है. इसरो को यह सफलता संचार के क्षेत्र में मिली है. इसरो ने अबतक के सबसे ताकतवर संचार उपग्रह जीसैट-30 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. इसरो काGSAT-30 यूरोपियन हैवी रॉकेट एरियन-5 (Ariane-5) द्वारा शुक्रवार तड़के 2.35 मिनट पर छोड़ा गया, जो कि जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में सफलतापूर्वक लॉन्‍च हुआ. Also Read - प्रियंका और निक ने कोविड-19 राहत कोष में जमा कराए पैसे, ट्वीटर पर की तारीफ

आपको बता दें कि यह इस साल का इसरो का पहला अंतरिक्ष मिशन था जिसमें वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है. इस संचार उपग्रह से देश की टेलीकम्युनिकेशन सेवाए पहले से बेहतर बनेंगी और इंटरनेट में भी कई बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं. Also Read - निजामुद्दीन संक्रमण मामला: अभी समय गलती खोजने का नहीं, संक्रमण रोकने का है : स्वास्थ्य मंत्रालय

आपको बता दें कि जीसैट-30 इनसैट 4A की जगह लेगा इसे इसरो ने 2005 में लॉन्च किया था. आज लॉन्च किया गया उपग्रह इसलिए भी खास है क्योंकि इसे इसरो द्वारा ही डिजाइन किया गया है. इस उपग्रह का वजन लगभग 3100 किलोग्राम है और यह अगले 15 साल तक काम करेगा. इसमें दो सोलर पैनल और बैटरी है, जिससे इसे ऊर्जा मिलेगी.


यह उपग्रह केयू बैंड में भारतीय मुख्य भूमि और द्वीपों को, C बैंड में खाड़ी देशों, एशियाई देशों और ऑस्ट्रेलिया को कवरेज प्रदान करेगा. बता दें कि इनसेट 4A 15 साल पहले लांच किया गया था और अब टेक्नॉलजी में बहुत से परिवर्तन आ चुके है इसलिए देश को एक मजबूत उपग्रह की जरूरत जो कि आज की आवश्यकताओं का पूरा कर सके.


माना जा रहा है कि इस उपग्रह से सबसे ज्यादा फायदा इंटरनेट कि दुनिया को होगा और इससे इंटरनेट स्पीड पहले के मुताबिक काफी बढ़ जाएगी. एक जानकारी के अनुसार इसरो का यह नया संचार उपग्रह देश में 5G को भी शुरू करने में मदद करेगा