EnglishHindi

इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा 100वां उपग्रह, एक साथ लॉन्च किए 31 सैटेलाइट

कुल 31 उपग्रहों में से तीन भारतीय हैं और 28 छह देशों से हैं...

Written by: India.com News Desk Edited by: Rohit Kumar
Updated: January 12, 2018, 9:30 AM IST

श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को अपने 100वें उपग्रह को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित कर दिया. 100वें उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए 28 घंटों की उलटी गिनती गुरुवार से शुरू हो गई थी. इसरो ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि शुक्रवार की सुबह 9.28 बजे प्रक्षेपास्त्र के प्रक्षेपण के लिए यहां मिशन नियंत्रण में सुबह 5.29 बजे 28 घंटों की उल्टी गिनती शुरू हुई.

इसरो ने अपनी वेबसाइट पर गुरुवार को लिखा कि पीएसएलवी-सी 440 के चौथे चरण के प्रणोदक को भरने का काम चल रहा है. चौथे चरण के पीएसएलवी-सी-40 की ऊंचाई 44.4 मीटर और वजन 320 टन होगा. पीएसएलवी के साथ 1332 किलो वजनी 31 उपग्रह एकीकृत किए गए हैं ताकि उन्हें प्रेक्षपण के बाद पृथ्वी की ऊपरी कक्षा में तैनात किया जा सके.

कुल 31 उपग्रहों में से तीन भारतीय हैं और 28 छह देशों से हैं: कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका. सैटेलाइट केंद्र निदेशक एम. अन्नादुरई ने मंगलवार को बताया कि माइक्रोउपग्रह अंतरिक्ष में भारत का 100वां उपग्रह होगा. पृथ्वी अवलोकन के लिए 710 किलोग्राम का काटरेसेट-2 सीरीज मिशन का प्राथमिक उपग्रह है. इसके साथ सह यात्री उपग्रह भी है जिसमें 100 किलोग्राम का माइक्रो और 10 किलोग्राम का नैनो उपग्रह भी शामिल हैं. 

कुल 28 अंतर्राष्ट्रीय सह यात्री उपग्रहों में से 19 अमेरिका, पांच दक्षिण कोरिया और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के हैं. चार महीने पहले 31 अगस्त 2017 इसी तरह का एक प्रक्षेपास्त्र पृथ्वी की निम्न कक्षा में देश के आठवें नेविगेशन उपग्रह को वितरित करने में असफल रहा था. पीएसएलवी-सी40 वर्ष 2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना है.

अन्नादुरई ने कहा कि पीएसएलवी अपने 39वें परियोजना (पीएसएलवी-सी 39) तक बहुत सफल रहा था. पीएसएलवी-सी 39 हमारे लिए एक बहुत बरा झटका था क्योंकि हीट शील्ड अलग नहीं हो पाए थे. अन्नादुरई ने कहा कि हमने विस्तार से अध्ययन किया है कि क्या गलत हो सकता है और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यह दोबारा न हो. पीएसएलवी-सी 40 के साथ हम खेल में वापस आ गए हैं.

भारत की इस उपलब्धि पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारत जिन उपग्रहों का प्रक्षेपण कर रहा है, उससे वह दोहरी नीति अपना रहा है. इन उपग्रहों का इस्तेमाल नागरिक और सैन्य उद्देश्य में किया जा सकता है. इसलिए यह जरूरी है कि इनका इस्तेमाल सैन्य क्षमताओं के लिए ना किया जाए, अगर ऐसा होता है कि इसका क्षेत्र पर गलत प्रभाव पड़ेगा.

आईएएनएस इनपुट

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.