नई दिल्ली| भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो आज अपने सबसे भारी रॉकेट के जरिए संचार उपग्रह जीसैट-19 को लॉन्च करेगा. इसरो के अनुसार, जीएसएलवी मार्क3 (जीएसएलवी-एमके3) रॉकेट सोमवार शाम 5.28 बजे छोड़ा जाएगा. यह रॉकेट भौगोलिक स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) तक चार टन वजन ढोने में सक्षम है.

रॉकेट जीसैट-19 उपग्रह को ले जाएगा, जिसका वजन 3,136 किलोग्राम है. इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से छोड़ा जाएगा. इसरो अध्यक्ष एस एस किरण कुमार ने कहा कि मिशन महत्वपूर्ण है, ‘‘क्योंकि यह अब तक का सबसे भारी रॉकेट और उपग्रह है जिसे देश से छोड़ा जाना है.’’

जीएसएलवी-एमके3-डी1 त्रिस्तरीय रॉकेट है, जिसमें दो स्ट्रैप-ऑन सॉलिड मोटर, एक द्रव्य प्रणोदक कोर चरण तथा एक क्रायोजेनिक चरण (सी25) लगा है.

जीसैट-19 में केए/केयू बैंड संचार ट्रांसपोंडर लगे हैं.

इसके अलावा, इसमें भूस्थिर विकिरण स्पेक्ट्रोमीटर (जीआरएएसपी) लगा है, जो आवेशित कणों की प्रकृति तथा उपग्रह व उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर विकिरण के प्रभाव का अध्ययन करता है.

जीसैट-19 में कुछ अति उन्नत विमान प्रौद्योगिकी लगे हैं, जिसमें हीट पाइप, फाइबर ऑप्टिक जायरो, माइक्रो-मैकेनिकल सिस्टम्स (एमईएमएस) एक्सीलेरोमीटर, केयू-बैंड टीटीसी ट्रांसपोंडर तथा एक स्वदेशी लीथियम आयन बैटरी से लैस है.