चंद्रमा की अंतिम कक्षा में Chandrayaan-3, आज प्रोपल्‍शन मॉड्यूल को लैंडर से अलग करेगा ISRO

Chandrayaan-3 Update: चांद की सतह पर उतरने के लिए चंद्रयान-3 के पास अब 6 दिन का वक्त है. इन सबके बीच आज प्रोपल्शन मॉड्यूल और विक्रम लैंडर को एक दूसरे से अलग किया जाएगा. गुरूवार दोपहर 1 बजे ISRP चंद्रयान-3 का इंटीग्रेटेड मॉड्यूल दो हिस्सों में बटेगा.

Published date india.com Updated: August 17, 2023 1:07 PM IST
चंद्रमा की अंतिम कक्षा में Chandrayaan-3, आज प्रोपल्‍शन मॉड्यूल को लैंडर से अलग करेगा ISRO

नई दिल्ली: चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की लैंडिंग का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, लोगों के अंदर इसको लेकर बेसब्री बढ़ती जा रही है. बता दें आने वाली 23 तारीख को भारत का स्‍पेसक्राफ्ट चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3 Landing Date) चांद के साउथ पोल पर लैंड करेगा. धरती से चांद के सफर पर निकला चंद्रयान-3 के लिए आज का दिन बेहद खास होने वाला है क्‍योंकि आज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल को लैंडर और रोवर से अलग करेगा, इसका मतलब है कि आज से प्रोपल्‍शन मॉड्यूल और लैंडर अपनी अलग-अलग यात्रा तय करेंगे.

आज निकलेंगे प्रोपल्शन और लैंडर मॉड्यूल ( Chandrayaan 3 Vikram Lander Module Separation)

प्रोपल्‍शन मॉड्यूल से अलग होने के बाद 18 और 20 अगस्त को विक्रम लैंडर की डीआर्बिटिंग कराई जाएगी यानी जिस दिशा में चंद्रयान-3 चक्कर लगा रहा था, उसके विपरीत दिशा में उसे घुमाया जाएगा, ताकि उसकी गति को कम किया जा सके. 18 अगस्त की शाम को एक मिनट के लिए लैंडर को थर्स्टर को ऑन करके सही दिशा में लाया जाएगा. इसके बाद 20 अगस्त को यही प्रक्रिया दोहराई जाएगी, उसके बाद चंद्रयान-3 को गोलाकार कक्षा में लाया जाएगा और 23 अगस्‍त को चंद्रयान की चांद सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाएगी. बता दें प्रोपल्शन मॉड्यूल चंद्रमा की कक्षा में 3-6 महीने रहकर धरती से आने वाले रेडिएशन्स का अध्ययन करेगा और लैंडर-रोवर 23 अगस्त को शाम को करीब 5:47 बजे चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे. यहां वो करीब 14 दिनों तक समय बिताएंगे और चांद के तमाम रहस्‍यों से पर्दा उठाएंगे.

ISRO ने दिया ये बड़ा अपडेट

इससे पहले बुधवार को इसरो ने बताया कि अभी चंद्रयान 3 गोलाकार कक्षा में घूम रहा है. उसको 153 किमी x 163 किमी की कक्षा में स्‍थापित कर दिया गया है. इसके साथ ही चांद की कक्षा में होने वाली सारी प्रक्रियाएं पूरी हो गई हैं और चंद्रयान अब बेहद खास पड़ाव पर पहुंच गया है. प्रोपल्‍शन मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल अब अपनी अलग-अलग यात्राओं के लिए तैयार हो चुके हैं. आज चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल को लैंडर और रोवर से अलग किया जाएगा.

चांद पर लैंडिंग के बाद क्या काम करेगा विक्रम और प्रज्ञान?

मालूम हो कि चंद्रयान के लैंडर का नाम विक्रम (Vikram) है और उसके अंदर प्रज्ञान रोवर है. चांद की सतह पर लैंडिंग के बाद लैंडर से प्रज्ञान बाहर निकलेगा. प्रज्ञान चांद की सतह पर चलेगा और इलाके का परीक्षण करेगा और सारी जानकारी विक्रम तक पहुंचाएगा. विक्रम लैंडर चांद की सतह से करीब 100 किमी ऊपर चक्कर लगा रहे प्रोपल्शन मॉड्यूल को जानकारी देगा. प्रोपल्शन मॉड्यूल के जरिए बेंगलुरु में इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क को जानकारी मिलेगी.

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