नई दिल्ली| भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जून के पहले सप्ताह में श्रीहरिकोटा से देश के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी मार्क थ्री का प्रक्षेपण करेगा. जीएसएलवी मार्क—3 एक शक्तिशाली प्रक्षेपण अंतरिक्षयान होगा, जिसका निर्माण भारी संचार उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाने के लिए किया गया है. इसकी ममद से 4 टन तक के उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे जा सकेंगे.

इस रॉकेट को ‘गेम चेंजर’ कहा गया है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह अपने किस्म का पहला स्पेस मिशन होगा. इसरो ने शुक्रवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि वह जियोसिन्क्रोनस सैटलाइट लॉन्च वीइकल (GSLV) मार्क-III को जून के पहले हफ्ते में लॉन्च कर पाएगा. इस लॉन्च की कामयाबी से भारत अंतरिक्ष कार्यक्रम में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाएगा.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएसआईआर-भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान के ए वी रामा राव प्रौद्योगिकी पुरस्कार व्याख्यान के मौके पर इसरो के अध्यक्ष ए.एस.कुमार ने बताया कि इसरो ने पहले 2.2 टन वजनी संचार उपग्रहों को दूसरे देश से लांच किया है लेकिन अब हमारे पास 2.2 टन और उससे अधिक के पेलोड का प्रक्षेपण करने की क्षमता है.

कुमार ने कहा, ‘यह भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा क्योंकि अब हम भारी पेलोड प्रक्षेपित करने के लिए देश से बाहर नहीं जा रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘जीओसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च वाहन मार्क थ्री के लिए सभी संयोजन गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं. हमारा लक्ष्य अगले महीने के पहले सप्ताह में इस वाहन का प्रक्षेपण करने का है.