नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) से कहा है कि वह मौसम की चेतावनी जारी करने के साथ – साथ लोगों को इस बारे में भी सलाह दे कि उस दौरान उन्हें क्या-क्या करना है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बताया है. दरअसल , पीएमओ ने हाल ही में आए आंधी तूफान और बारिश के चलते सात राज्यों में 200 से अधिक लोगों की मौत होने के बाद यह बात कही है. सचिव एम राजीवन ने बताया कि प्रधानमंत्री मौसम अत्यधिक खराब होने से हुई मौतों को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने आईएमडी से इन परिस्थितियों में किए जाने वाले कार्य सुझाने को कहा है.

उन्होंने बताया कि उनके मंत्रालय और आईएमडी के अधिकारियों ने पीएमओ को हालिया आंधी तूफान और बारिश के बारे में जानकारी दी. पीएमओ और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) चाहता है कि आईएमडी द्वारा जारी की जाने वाली चेतावनी खास तरह की हो. राजीवन ने कहा ,‘ लोगों को क्या कदम उठाना चाहिए , इस बारे में हमें किए जाने वाले कार्य की सलाह देने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि प्रचंड तूफान के पूर्वानुमान में पीएमओ और एनडीएमए को लगता है कि आईएमडी को एक चेतावनी जारी कर यह कहना चाहिए कि स्थिति बहुत गंभीर है और आपको (लोगों को) अपने-अपने घरों में ही रहना चाहिए और बाहर निकलने से बचना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस तरह के परामर्श की जरूरत है. केवल लोगों को सूचना दे देना ही पर्याप्त नहीं है. गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मई के प्रथम पखवाड़े में तीन पश्चिमी विक्षोभ देखने को मिले. सात राज्यों में आंधी तूफान और बारिश की घटनाओं में 204 से अधिक लोगों की मौत हुई और 350 अन्य घायल हुए. अकेले उत्तर प्रदेश में ही 120 से अधिक मौतें हुई.

गौरतलब है कि हाल ही में यूपी में आंधी-बारिश के चलते आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है.आंधी-तूफान के चलते 40 फीसदी आम की फसल बर्बाद हो गई है. आंधी से टूटे कच्‍चे आम के लिए बाजार व मंडी में भी उचित खरीदार नहीं मिलते. ऐसे में बाग स्‍वामियों की जैसे-तैसे आम बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.