नई दिल्ली। खूनी ‘ब्लू व्हेल’ गेम का मुद्दा गुरुवार को संसद में भी उठा. सांसद अमर शंकर ने इस मुद्दे को उठाते हुए इस खेल पर बैन लगाने की मांग की है. मुंबई के अंधेरी में ऑनलाइन ब्लू व्हेल गेम चैलेंज के चलते एक बच्चे ने आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद यह मुद्दा महाराष्ट्र विधानसभा में भी उठाया गया था और इसे बैन करने की मांग की गई. बताया जा रहा है कि यह खेल दुनिया भर में 250 के करीब बच्चों की जान ले चुका है.Also Read - Constitution Day: संसद और सुप्रीम कोर्ट सहित कई समारोहों में शामिल होंगे पीएम मोदी

यह भी पढ़ेंः महाराष्ट्र सरकार केंद्र से ब्लू व्हेल गेम पर प्रतिबंध लगाने की करेगी सिफारिश Also Read - Parliament Winter Session: संसद सत्र 29 नवंबर से, लोकसभा-राज्यसभा में किसे मिलेगी एंट्री, किसे नहीं, गाइडलाइन जारी

बता दें कि मुंबई में 14 साल का मनप्रीत काफी समय से ब्लू व्हेल नाम का एक ऑनलाइन गेम खेल रहा था. मनप्रीत गेम के आखिरी पड़ाव में था और गेम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसका मरना जरूरी था. इसलिए घर की छत से छलांग लगाकर जान दे दी . Also Read - प्राइवेट Cryptocurrency पर बैन लगाने वाला विधेयक शीत सत्र में पेश करेगी सरकार, कृषि कानून भी लिए जाएंगे वापस

अपने घर की छत से कूदने से पहले मनप्रीत ने अपने मोबाइल से आखिरी फोटो खींचकर एक मैसेज भेजा जिसमें लिखा था- जल्द ही तुम्हारे पास मेरी ये आखिरी तस्वीर रह जाएगी. पुलिस जांच मामले की जांच कर रही है लेकिन यह मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा में आ गया है.

यह भी पढ़ेंः अब तक 250 मौतें, बच्चे क्यों हो रहे हैं ब्लू व्हेल गेम के शिकार, समझें इस खूनी खेल को

खूनी ब्लू व्हेल खेलकी शुरुआत रूस से हुई है. मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप के जरिए खेले जाने वाले इस खेल में 50 दिन अलग-अलग टास्क मिलते हैं. रोज टास्क पूरा होने के बाद अपने हाथ पर निशान बनाना पड़ता है जो 50 दिन में पूरा होकर व्हेल का आकार बन जाता है. और टास्क पूरा करने वाले को खुदकुशी करनी पड़ती है.