चंडीगढ़| पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने केंद्रीय एजेंसियों आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को डेरा सच्चा सौदा की सम्पत्ति की जांच पड़ताल करने और नियमों का उल्लंघन जांचने का आज निर्देश दिया.

अदालत ने यह निर्देश अदालत द्वारा नियुक्त आयुक्त की निगरानी में डेरा परिसर की तलाशी के दो सप्ताह बाद दिया है.

अदालत की पूर्ण पीठ ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद 25 अगस्त को हुई हिंसा में क्षतिग्रस्त सम्पत्ति के दावों का आकलन के लिए हरियाणा एवं पंजाब में न्यायाधिकरण गठित करने का भी निर्देश भी दिया.

हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा परिसर की तलाशी की निगरानी के लिए गत महीने अदालत द्वारा नियुक्त आयुक्त ए के एस पवार ने अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए आज कुछ और दिन का समय मांगा.

न्यायमूर्ति ए जी मसीह, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन की पीठ ने पवार को समय दिया और कहा कि तलाशी रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र, हरियाणा सरकार और सीबीआई को सौंपी जाएगी.

अदालत पंचकूला के निवासी रवींद्र धुल की ओर से गत महीने दायर एक जनहित याचिका पर सुनवायी कर रही थी जिसने नगर में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की थी.

मामले में केंद्र की ओर से पेश होने वाले अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल सत्यपाल जैन ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय और आयकर अधिकारियों को डेरा सच्चा सौदा की पूरी सम्पत्ति…चल और अचल..की जांच पड़ताल करने और यह देखने को कहा कि आयकर कानून एवं धनशोधन कानून के प्रावधानों के तहत कोई उल्लंघन तो नहीं हुआ है.’’ उन्होंने यहां संवाददाताओं को बताया कि जरूरी होने पर विभाग कार्रवाई शुरू कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि आयकर एवं प्रवर्तन निदेशालय विभाग जांच शुरू करने से पहले पवार की रिपोर्ट का इंतजार करेंगे.

जैन ने कहा, ‘‘अदालत ने यह भी कहा कि पवार की ओर से सौंपे गए सभी दस्तावेजों को हरियाणा के महाधिवक्ता की कस्टडी में रखा जाएगा और आयकर एवं प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को उन दस्तावेजों को केवल एजी कार्यालय में देखने का अधिकार होगा.’’ अदालत में मौजूद पंजाब के महाधिवक्ता अतुल नंदा ने अदालत में कहा कि डेरा प्रमुख को दोषी ठहराने और सजा सुनाने के बाद हिंसा को काबू में करने के लिए राज्य में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती पर 187 करोड़ रूपये का खर्च आया। उन्होंने कहा कि गत महीने पंजाब में हिंसा में दो करोड़ रूपये की सम्पत्ति क्षतिग्रस्त हो गई थी.

अदालत ने मामले की अगली सुनवायी आठ नवम्बर तय की.