हैदराबाद. आयकर विभाग (Income Tax department) ने गुरुवार को तेलंगाना कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी (A. Revanth Reddy) के परिसरों की तलाशी लेने का काम शुरू किया. कांग्रेस पार्टी ने छापेमारी की आलोचना की और इस कार्रवाई को राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस (TRS) तथा केन्द्र में भाजपा (BJP) की ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की भावना से किया गया बताया. आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने छापेमारी की कार्रवाई की पुष्टि की. हालांकि उन्होंने छापेमारी की वजह का खुलासा नहीं किया.

आयकर विभाग की छापेमारी की कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी की प्रतिक्रिया जानने के लिए उन्हें फोन किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. रेड्डी को हाल ही में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी अध्यक्षों में से एक नियुक्त किया गया था. इधर, जुबली हिल्स इलाके के इंस्पेक्टर पी. चंद्रा ने बताया कि किसी भी अप्रत्याशित घटना से बचने के लिए रेड्डी के आवास के पास पुलिसबल तैनात किया गया है. स्थानीय पुलिस ने इससे पहले भी पूर्व विधायक रेवंत रेड्डी को वर्ष 2004 के को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी मामले में नोटिस जारी किया था. इस मामले में भी अवैध तरीके से हेरा-फेरी का आरोप लगाया गया है.

आयकर विभाग की छापेमारी को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए तेलंगाना के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह हमारे विधायकों का मनोबल तोड़ने के लिए किया गया है. उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, भाजपा और केंद्र सरकार के हाथों में खेल रहे हैं. आयकर और ईडी के छापे, इसी का परिणाम हैं. लेकिन प्रदेश की जनता इन सब गतिविधियों को देख रही है. जनता विपक्षी नेताओं के साथ हो रहे इस व्यवहार को लेकर सीएम, भाजपा और केंद्र सरकार को पाठ जरूर पढ़ाएगी. बता दें कि 31 मई 2015 को तत्कालीन तेलुगू देशम सांसद रेवंत रेड्डी को एंटी-करप्शन ब्यूरो ने मनोनीत विधायक को 50 लाख रुपए घूस देने के आरोप में गिरफ्तार किया था. रेड्डी ने विधान परिषद में टीडीपी उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए यह रिश्वत दी थी.

(इनपुट – एजेंसी)