नई दिल्ली: तिहाड़ जेल इन दिनों चर्चा में बना हुआ है. चर्चा की वजह है निर्भया के आरोपियों के फांसी की खबर. लेकिन अब लग रहा है कि निर्भया के दोषियों को 16 दिसंबर को फांसी नहीं होने वाली है. ऐसा इसलिए क्योंकि पटियाल हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियो के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने से मना कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. कोर्ट इस मामले पर 18 दिसंबर को सुनवाई करेगा. उम्मीद जताई जा रही है कि इसी दिन आरोपियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया जाएगा. बता दें कि निर्भया के परिवार वाले काफी वक्त से आरोपियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने के लिए कह रहे हैं. निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि म निर्भया की लड़ाई पिछले सात साल से लड़ रहे हैं तो अब अगली सुनवाई तक इंतजार तो कर ही सकते हैं. बता दें कि निर्भया के साथ रेप 16 दिसंबर 2012 को हुआ था. इसके कुछ दिन बाद इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने यह देखते हुए कि दोषियों में से एक की पुनर्विचार याचिका पर मंगलवार को उच्चतम न्यायालय सुनवाई करेगा, उन्होंने इस मामले पर सुनवाई की तारीख 18 दिसंबर तय कर दी. न्यायाधीश ने कहा, ‘जब तक पुनर्विचार याचिका लंबित है तब तक हमें इंतजार करना होगा.’ उन्होंने कहा, ‘मेरा विचार है कि जब पुनर्विचार याचिका उच्चतम न्यायालय में लंबित है तो हमें उस फैसले का इंतजार करना चाहिए. चूंकि उसकी (दोषी अक्षय कुमार) याचिका पर उच्चतम न्यायालय में 17 दिसंबर को सुनवाई होनी है, इसलिए इस मामले को 18 दिसंबर तक के लिए स्थगित करते हैं.’ अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा पर अमल करने वाला वारंट जारी करने की मांग करते हुए कहा, ‘अदालत मौत की सजा पर अमल करने वाला वारंट जारी कर सकती है. अदालत को ‘डेथ वारंट’ जारी करने से कौन रोक सकता है.’ उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल नौ जुलाई को तीन दोषियों-मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार खारिज करते हुए कहा था कि 2017 के उसके फैसले पर फिर से विचार करने का कोई आधार नहीं है.

गौरतलब है कि बीते दिनों तिहाड़ जेल ने बक्सर जेल से 10 फांसी के फंदे बनाने के निर्देश दिए थे. इस खबर के बाहर आते ही इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया कि निर्भया के दोषियों को फांसी दी जाएगी. इस बात की अब तक अधिकारिक रूप से पुष्टी तो नहीं की गई है. दोषियो को फांसी देने वाली याचिका पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. वहीं बीते दिनों राष्ट्रपति ने भी दया याचिका खारिज करने को लेकर बयान भी दिया था.

खबरों के अनुसार तिहाड़ जेल में फांसी की कोठी की साफ-सफाई पूरी कर ली गई है. बीते दिनों निर्भया के एक दोषी ने अपनी दया याचिका को वापस मंगा लिया. बता दें कि निर्भया के साथ 16 दिसंबर के दिन दुष्कर्म की घटना को चार आरोपियों अक्षय, मुकेश, मंडोली और पवन ने अंजाम दिया था. 29 दिसंबर को निर्भया की मौत ईलाज के दौरान हो गई थी.