हैदराबाद. आईटी दिग्गज टी वी मोहनदास पई ने कहा है कि आगामी लोकसभा चुनावों में सोशल मीडिया के कारण चार-पांच प्रतिशत मत इधर से उधर हो सकते हैं. यह निर्वाचन क्षेत्रों में बेहद कम अंतर से जीत का एक अहम कारक बन सकता है. पई ने मंगलवार को कहा कि युवा, विशेषकर पहली बार मतदान करने वाले, मतदाता सोशल मीडिया पर बहुतायत में हैं और यह इनमें से अधिकतर युवाओं के लिये सूचना का प्राथमिक स्रोत भी है.

सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस लिमिटेड में पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी रहे पई ने कहा, सोशल मीडिया के कारण चार-पांच प्रतिशत मत इधर से उधर हो सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि 40 से 50 प्रतिशत मतदाता सोशल मीडिया से प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि इनमें से अधिकतर के लिये यह सूचना का प्राथमिक स्रोत होता है.

युवा वीडियो देखते हैं
पई ने कहा, युवा टीवी नहीं देखते हैं, वे वीडियो देखते हैं. वे अखबार नहीं पढ़ते हैं लेकिन यूट्यूब देखना पसंद करते हैं, सोशल मीडिया पर समय बिताना पसंद करते हैं. ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया के इन माध्यमों से वे प्रभावित होते हैं, न कि प्रिंट या टीवी से.

इस तरह युवा मतदाताओं को करें आकर्षित
उन्होंने कहा कि युवा मतदाताओं को लुभाने के लिये राजनीतिक पार्टियों को यह सोचना चाहिए कि उन्हें क्या प्रेरित कर सकता है, उनकी भावनाएं क्या हैं, वे क्या पसंद करते हैं, वे कहां जाते हैं और ऐसा क्या है जिसकी वे तलाश कर रहे हैं.