नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव के 20 से अधिक ठिकानों पर आयकर विभाग (आईटी) ने छापेमारी की है. विभाग ने राजेश्वर सिंह के दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और एटा सहित 7 शहरों के ठिकानों पर छापा मारा है.

शनिवार को लगातार दूसरे दिन जारी छापेमारी में 2 होटलों के बारे में जानकारी मिली है. यह भी पता चला है कि इंजीनियर ने कई मुखौटा कंपनियों में भी निवेश कर रखा है. इनमें से ज्यादातर उसके बेटे के नाम पर हैं.

घर में काम करने वाले कर्मचारी ने राबड़ी को दान में दी थी जमीन, आयकर विभाग ने किया जब्‍त

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एक आईटी अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया, ‘सुपरिटेंडेंट इंजिनियर राजेश्वर सिंह यादव ने अपने भाई और बहनोई के नाम पर भी शेल कंपनियां बना रखी थी. गुरुग्राम स्थित राजेश्वर के बहनोई के घर से 2 ब्रीफकेस में IT को 25 लाख रुपये और गहने मिले. साथ ही अघोषित संपत्ति और स्टॉक मार्केट में निवेश संबंधी दस्तावेज भी मिले. आज भी छापा जारी रहेगा.’

बता दें राजेश्वर सिंह पर बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति कमाने के शक में शुक्रवार को छापेमारी की गई थी. वे दिल्ली स्थित आगरा कैनाल ओखला ऑफिस में तैनात हैं. उनके सूबे के कई बड़े नेताओं से भी संबंध हैं. बताया जाता है अखिलेश सरकार के दौरान उनकी संपत्ति में तेजी से इजाफा हुआ है. आयकर विभाग पिछले महीने से उन पर गुप-चुप तरीके से नजर रखे था.