नई दिल्ली: हौजखास स्थित श्री अरविंद आश्रम में 12 फरवरी से आर्ट प्रदर्शनी चल रही है. इटली से आए कलाकारों ने श्री अरविंदों की किताबों और उनके विचारों को कैनवास पर उतारा है. यह प्रदर्शनी 21 फरवरी तक चलेगी. इस प्रदर्शनी में अरविंद के महाकाव्य सावित्री के अलावा उनकी अन्य पुस्तकों भागवत मुर्हुर्त (the hour of god), आंतरिक चेतना के विभिन्न आयाम ( the planes and parts of being) की पंक्तियों पर आधारित 50 पेंटिंग्स की श्रृंखला का प्रदर्शन किया जा रहा है. 10 दिनों तक चलने वाली यह प्रदर्शनी कल खत्म हो जाएगी.

इस प्रदर्शनी में करीब 300 पेंटिंग्स की श्रृंखला को रखा गया. इसे इटली के रहने वाले पेंटर अग्नि ने कैनवास पर उतारा है. जिसमें उनका सहयोग ग्लोवानी, सबिना, फ्लोरेला, लिलिया ने किया है. पेंटिंग प्रदर्शनी में मौजूद दिल्ली यूनिवर्सिटी की पूर्व प्राध्यापक प्रभजोत कुलकर्णी ने बताया कि जब श्री मां जीवित थीं तो उन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि आने वाले समय में श्री अरविंद की लिखी पुस्तकों को अलग तरीके से समझ कर लोग उसका चित्रांकन करेंगे. जिसे अग्नि ने अपने पेंटिंग के माध्यम से अभिवयक्त करने का प्रयास किया है.

वहीं, पेंटर अग्नि ने बताया कि विदेशी संस्कृति में जन्म लेने के बाद सत्य की खोज में भारतीय अध्यात्म की तरफ झुकाव परमहंस योगानंद की जीवनी पढ़ने के बाद हुआ था. इस कार्यक्रम के दौरान नवल सिंह, वेणु मित्तल, नरेंद्र, गोपाल भी मौजूद थे. इससे पहले इस पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन पांडिचेरी और ऑरोविल के सावित्री भवन में भी किया गया था.