नई दिल्ली. केरल में राजनीतिक हिंसा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुखर है. संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने शुक्रवार को प्रेस को संबोधित किया. होसबोले ने राज्य में राजनीतिक हत्याओं की जांच की मांग उठाते हुए कहा कि हत्याओं की श्रृंखला को बंद किया जाए. उन्होंने राज्य सरकार से इसे लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की.

केरल में बीती 29 जुलाई को एक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता की धारदार हथियार से जघन्य हत्या कर दी गई थी. पुलिस का कहना है कि उन्हें हिस्ट्रीशीटर अपराधी के नेतृत्व में एक गैंग ने काट डाला जबकि प्रदेश भाजपा का आरोप है कि संघ कार्यकर्ता को माकपा ने मरवाया है. शनिवार को रात 9 बजे हुए एक भयावह हमले में 34 वर्षीय राजेश पर कई वार करते हुए उनका बांया हाथ काट डाला था. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों में केरल में संघ के कई नेताओं की हत्या की जा चुकी है.

इसी मामले पर मीडिया को संबोधित करते हुए होसबोले ने कहा कि आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में आरएसएस काडर पर सीपीएम काडर द्वारा हमलों को लेकर प्रस्ताव पास किया गया है. उन्होंने आगे कहा, ‘हम राज्य सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह हत्याओं की श्रृंखला को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए’

उन्होंने सीपीएम को निशाने पर लेते हुए कहा कि केरल में अनुसूचित जाति भी भयभीत है. सीपीएम हिंसा के लिए चर्चित रही है और उन्हें इसे बंद करना होगा. होसबोले ने सवाल पूछा कि क्या खून की प्यास में कोई युद्ध चल रहा है? सीपीएम के लोगों ने कांग्रेस कार्यकर्ता की भी जान ली है.

मानवाधिकार आयोग ने केरल सरकार, डीजीपी को भेजा नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केरल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या पर राज्य सरकार और राज्य पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजा है. एनएचआरसी का मानना है कि बहुदलीय राजनीतिक व्यवस्था में विचारों में भिन्नता और स्वस्थ आलोचना आवश्यक है लेकिन ‘राजनीतिक और वैचारिक भिन्नताओं के नाम पर खून बहाना सभ्य समाज में अस्वीकार्य है.’ एनएचआरसी ने बयान जारी कर कहा कि आयोग ने अपने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के माध्यम से राज्य सरकार से कहा है कि इस तरह की हत्याओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और दोनों से चार हफ्ते के अंदर विस्तृत जवाब मांगा है.

केरल में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है: स्मृति
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया है कि केरल में कानून-व्यवस्था ‘चरमरा’ गई है और सीपीएम की अगुवाई वाली राज्य सरकार आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या के खिलाफ कोई कार्रवाई इसलिए नहीं कर रही है, क्योंकि यह उसके लिए ‘राजनीतिक तौर पर फायदेमंद’ है. ईरानी ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम के पास 34 साल के आरएसएस कार्यकर्ता राजेश की हत्या के बाद केरल की पी विजयन सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ईरानी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘यह स्पष्ट है कि केरल की सरकार आरएसएस के कार्यकर्ताओं की हत्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई इसलिए नहीं कर रही, क्योंकि यह उसके लिए राजनीतिक तौर पर फायदेमंद है. यह शर्म की बात है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.’ ईरानी के साथ बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव भी थे, जिन्होंने दावा किया कि पिछले 17 महीने में 17 से ज्यादा आरएसएस कार्यकर्ता मारे गए हैं.

मारे गए संघ कार्यकर्ता के घर जाएंगे अरुण जेटली
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली 6 अगस्त को संघ के कार्यकर्ता राजेश के घर जाएंगे. बीजेपी की ओर से जारी एक वक्तव्य में बताया गया कि जेटली भाजपा के उन पार्षदों के घर भी जाएंगे जिन पर कथित तौर पर सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने पिछले हफ्ते तिरुवनंतपुरम के विभिन्न हिस्सों में हमला किया था. वक्तव्य में कहा गया कि वित्त मंत्री बीजेपी-संघ कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर सत्तारूढ़ सीपीएम कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे हमलों की पृष्ठभूमि में राज्य के दौरे पर आ रहे हैं.

सीपीएम व बीजेपी-संघ के कार्यकर्ताओं के बीच पिछले हफ्ते तिरुवनंतपुरम में कई झड़पें हुई, इसी दौरान राजेश की हत्या कर दी गई. गत 29 जुलाई को एक हिस्ट्री शीटर के नेतृत्व में एक गिरोह ने उसकी हत्या कर दी थी. उनका बायां हाथ काटकर शरीर अलग कर दिया था और उनके शरीर पर कई जख्म थे. बीजेपी ने इसके पीछे सीपीएम का हाथ होने का आरोप लगाया है. सत्तारूढ़ दल ने इससे इनकार किया है.